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20 साल में बदली बिहार की सेहत की तस्वीर– कभी हफ्ते भर में 39 मरीज, अब हर महीने 11,600 से ज्यादा

Bihar News: कभी बिहार की पहचान पिछड़े स्वास्थ्य तंत्र से की जाती थी, लेकिन अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में प्रदेश ने हेल्थ सेक्टर में बड़ी छलांग लगाई है। साल 2006 में जहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) पर एक सप्ताह में औसतन केवल 39

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Bihar News: कभी बिहार की पहचान पिछड़े स्वास्थ्य तंत्र से की जाती थी, लेकिन अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में प्रदेश ने हेल्थ सेक्टर में बड़ी छलांग लगाई है। साल 2006 में जहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) पर एक सप्ताह में औसतन केवल 39 मरीज इलाज के लिए आते थे, वहीं अब ये आंकड़ा हर महीने 11,600 से अधिक पहुंच चुका है। यह केवल आंकड़ों की बात नहीं है, बल्कि जनता के सरकारी अस्पतालों पर लौटते भरोसे की गवाही है।

बजट में बंपर बढ़ोतरी, सुविधाओं में जबरदस्त सुधार

स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने लगातार निवेश बढ़ाया है। वर्ष 2004-05 में जहां स्वास्थ्य बजट मात्र 705 करोड़ रुपये था, वहीं 2025 तक यह बढ़कर 20,035 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इस निवेश का असर जमीनी स्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। आज न केवल गंभीर बीमारियों बल्कि मामूली चोटों, वैक्सीनेशन और नियमित जांच के लिए भी लोग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का रुख कर रहे हैं।

सरकारी अस्पतालों की नई पहचान

बीते दो दशकों में PHC से लेकर जिला अस्पताल तक, हर स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर हुई हैं। मुफ्त दवाएं, जांच की स्थानीय व्यवस्था, डॉक्टरों की बढ़ती संख्या और नई तकनीक के इस्तेमाल ने सरकारी अस्पतालों को जनता के लिए पहले से कहीं अधिक भरोसेमंद बना दिया है।

मेडिकल शिक्षा का भी हो रहा विस्तार

राज्य में मेडिकल शिक्षा ढांचे का भी विस्तार हो रहा है। 2005 से पहले बिहार में केवल 6 मेडिकल कॉलेज थे, अब यह संख्या बढ़कर 11 हो चुकी है। प्रस्तावित कॉलेजों के निर्माण के बाद यह संख्या 15 हो जाएगी। इसके अलावा, 9 और जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रस्ताव भी सरकार के पास है। पटना और दरभंगा में एम्स की मौजूदगी बिहार को मेडिकल शिक्षा का हब बना रही है।

बिहार बनेगा हेल्थ हब

नीतीश सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है—बिहार को न सिर्फ अपने नागरिकों के लिए, बल्कि झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के लिए भी हेल्थ केयर सेंटर बनाना। पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) का विस्तार इसी दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है, जो 5,500 बेड वाला एशिया का दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल बनने की ओर अग्रसर है।

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