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गुमला/सिसई: जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) ज्ञान शंकर जायसवाल के नेतृत्व में आज बी. एन. कॉलेज, सिसई में एक वृहद सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान में गुमला और आस-पास के लगभग 20 शिक्षण संस्थानों से आए NCC (नेशनल कैडेट्स कॉर्प्स) के 375 विद्यार्थियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया।
पॉलीटेक्निक कॉलेज गुमला, डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, के.ओ. कॉलेज, सिमडेगा कॉलेज, बी.एन. जलान कॉलेज सिसई, ताना भगत कॉलेज, एस के बागे कॉलेज घाघरा समेत विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के कैडेट्स को प्रोजेक्टर, पीपीटी, वीडियो और फोटो के माध्यम से सड़क सुरक्षा के महत्व को विस्तार से समझाया गया।
हेलमेट और सीट बेल्ट अनिवार्य:
इस दौरान डीटीओ ज्ञान शंकर जायसवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि वाहन चलाते समय हेलमेट एवं सीट बेल्ट जैसे सुरक्षित उपकरणों का इस्तेमाल कैसे सड़क दुर्घटनाओं को काफी हद तक कम कर सकता है। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी चूक सड़क दुर्घटना का कारण बनती है, इसलिए अपनी और दूसरों की जान की रक्षा के लिए ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करना आवश्यक है।
सड़क सुरक्षा टीम के सदस्यों ने यह भी जानकारी दी कि वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग करना कितना खतरनाक हो सकता है। उन्होंने उपस्थित सभी विद्यार्थियों से अपील की कि वे न केवल स्वयं मोबाइल का प्रयोग करने से बचें, बल्कि अपने परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों को भी हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग के लिए प्रेरित करें।
बाइक दुर्घटनाओं पर विशेष ध्यान:
सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम के दौरान टीम द्वारा यह बताया गया कि ज्यादातर दुर्घटनाएं और मृत्यु बाइक से हो रही हैं। उन्होंने विस्तार से बताया कि गतिसीमा से अधिक रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाना, बिना हेलमेट/सीट बेल्ट का प्रयोग करना, अल्कोहल का सेवन और ट्रिपल राइडिंग जैसी गलतियाँ ही सड़क दुर्घटनाओं की मुख्य वजह हैं। उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा कि वाहन चलाते समय शराब पीकर वाहन न चलाएं और ना ही किसी को चलाने दें। कार्यक्रम के अंत में, सभी विद्यार्थियों को भविष्य में सड़क सुरक्षा के नियमों का कड़ाई से पालन करने की सामूहिक शपथ भी दिलाई गई।
नेक व्यक्ति (Good Samaritan) को ₹2000 का पुरस्कार देने का प्रावधान है?

जागरूकता कार्यक्रम में ‘गुड Samaritan’ (नेक व्यक्ति) योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। डीटीओ जायसवाल ने बताया कि मोटरवाहन दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को ‘गोल्डन
ऑवर’ (दुर्घटना के एक घंटे के भीतर) अस्पताल पहुंचाने वाले नेक व्यक्ति को प्रोत्साहित करने हेतु ₹2,000/- (दो हजार रुपये) की नकद राशि के साथ प्रशस्ति पत्र प्रदान करने का प्रावधान लागू है।
इस जागरूकता कार्यक्रम के दौरान जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल के साथ सड़क सुरक्षा प्रबंधक कुमार प्रभाष, सूचना प्रौद्योगिकी सहायक मंटू रवानी, रोड इंजिनियरिंग ऐनलिस्ट प्रणय कांशी एवं 46 झारखंड बटालियन के कमांड अधिकारी व एन.सी.सी. फोर्स भी मौजूद थे।

