रांची : झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री नेहा शिल्पी तिर्की ने रविवार को मांडर प्रखंड में विकास की नई रफ्तार का शंखनाद किया। विधायक योजना मद से संचालित विभिन्न योजनाओं के शिलान्यास के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि हेमंत सरकार का विजन गांवों के सर्वांगीण विकास पर टिका है। उन्होंने कहा कि जब तक हमारे गांव आत्मनिर्भर और मजबूत नहीं होंगे, तब तक राज्य का समग्र विकास संभव नहीं है।
धरातल पर उतरेगा पेसा कानून
अपने संबोधन में मंत्री ने पेसा (PESA) कानून की नियमावली लागू होने को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि इस कानून के जरिए अब ग्राम सभाएं अधिक सशक्त होंगी और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों में ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
इन योजनाओं की रखी गई आधारशिला
शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत की, जो स्थानीय लोगों की सामाजिक और धार्मिक जरूरतों को पूरा करेंगे:
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गड़मी गांव: सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए चबूतरा, शेड और जन उपयोगी अवसंरचना का सौंदर्यीकरण।
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प्रयागो एवं अन्य क्षेत्र: मुस्लिम समुदाय के कब्रिस्तान में जनाजा शेड का निर्माण।
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लोयो नीचे टोली: बच्चों की शिक्षा के लिए मकतब का निर्माण।
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उचरी गांव: आवागमन को सुगम बनाने के लिए पीसीसी पथ (सड़क) का निर्माण।
पारदर्शिता और समय सीमा पर जोर
मंत्री नेहा शिल्पी तिर्की ने विकास कार्यों में राजनीति या भेदभाव को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि योजनाओं का चयन जाति या धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि जनता की वास्तविक जरूरतों को देखकर किया गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों को सख्त लहजे में हिदायत दी कि सभी कार्य तय समय सीमा के भीतर और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरे होने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की वित्तीय या गुणवत्ता संबंधी अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यक्रम में कांग्रेस के स्थानीय पदाधिकारियों सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे, जिन्होंने सरकार की इन पहलों का स्वागत किया।



