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India News: एक तरफ वोट चोरी के सबूतों के साथ कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रेस कांफ्रेंस कर चुनाव आयोग को घेरने का काम किया है, वहीं अनेक पार्टियों और नेताओं ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग फिर से कर दी है। इन सब से बचने और अपने दामन को साफ-पाक बताने के लिए चुनाव आयोने ने भी कदम आगे बढ़ाए हैं।
गौरतलब है कि सांसद राहुल गांधी ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए गुरुवार को वोट चोरी जैसे सबूतों को मीडिया के सामने रखा है। उन्होंने बताया है कि किस प्रकार से विभिन्न चुनावों में एक खास पार्टी को जीत दिलवाने के लिए वोट चोरी का यह खेल खेला गया है। वहीं इससे पहले शरद पवार की पार्टी एनसीपी-एसपी ने महाराष्ट्र के निकाय चुनाव को बैलेट पेपर से कराए जाने की मांग कर दी है। यही नहीं पार्टी ने निकाय चुनाव में वीवीपैट वाली ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल नहीं करने वाले राज्य चुनाव आयोग के फैसले की भी निंदा की है। शरद पवार गुट का कहना है कि इससे कैसे पता चलेगा कि चुनाव पारदर्शी तरीके से कराए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में बैलेट पेपर से चुनाव करना ही ठीक होगा। एनसीपी-एसपी ने कहा कि यदि वीवीपैट वाली मशीनें उपलब्ध नहीं हैं, तब फिर परंपरागत बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं। इससे पारदर्शिता रहेगी और जनता का भरोसा भी चुनावी व्यवस्था पर बना रहेगा। यह पहला मामला नहीं है, बल्कि इससे पहले अनेक चुनावों के दौरान बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने की मांग की जाती रही है और चुनाव आयोग इसे खारिज करते हुए चुनाव में होने वाली गड़बड़ी की आशंकाओं को सिरे से खारिज करता आया है। इस संबंध में मौजूदा सरकार भी चुनाव आयोग के फैसले से संतुष्ट रही है।
यहां इस मांग को उठाते हुए शरद पवार गुट के पार्टी नेता राहुल कलाते ने कहा है कि निकाय चुनाव की तैयारी अब तेजी पर है। लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग ने हमें निराश किया है। राज्य निर्वाचन आयोग की यह बात झटका देने वाली है कि वीवीपैट मशीनों की कमी है। इससे साफ है कि आयोग नहीं चाहता है कि पारदर्शी तरीके से चुनाव कराए जाएं। ऐसी स्थिति में धांधली होने का भी डर रहेगा। कलाते ने पुणे की चिंचवाड़ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन भाजपा के शंकर जगताप के मुकाबले हार गए थे। यही नहीं इंडिया गठबंधन के एक और दल ने वीवीपैट न इस्तेमाल करने पर नाराजगी जाहिर की है।
वहीं उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह फैसला गलत है। हमारी मांग है कि चुनाव वीवीपैट मशीनों से कराए। वहीं एनसीपी-एसपी का कहना है कि यदि चुनाव आयोग वीवीपैट से चुनाव नहीं करा पा रहा है, तब फिर बैलेट पेपर के पुराने सिस्टम पर ही वापस लौटा जाए। बता दें कि असेंबली इलेक्शन में हार के बाद राहुल ने दोबारा गिनती के लिए अर्जी डाली थी। उनका आरोप था कि काउंटिंग की प्रक्रिया में गड़बड़ी थी। इसी के खिलाफ फॉर्म 17 जमा करते हुए उन्होंने चुनाव आयोग का रुख किया था। अब एक बार फिर निकाय चुनाव में उन्होंने मोर्चा खोला है। एसनीपी-एसपी का कहना है कि बैलेट पेपर से चुनाव नहीं होने पर चुनाव की कोई विश्वसनीयता नहीं रहेगी।

