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भुईयाँडीह में मकर संक्रांति पर संस्कृति का महासंग्राम, 3 दिन चलेगा विशाल टुसू मेला

Jamshedpur News: वीर बिरसा मुंडा और वीर सिद्धू–कान्हू की स्मृति को समर्पित झारखण्ड सांस्कृतिक कला रंग मंच के सौजन्य से भुईयाँडीह, जमशेदपुर स्थित दुर्गा पूजा मैदान में 14 जनवरी 2026 (मकर संक्रांति) से 16 जनवरी 2026 तक तीन दिवसीय विशाल टुसू मेला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम

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Jamshedpur News:  वीर बिरसा मुंडा और वीर सिद्धू–कान्हू की स्मृति को समर्पित झारखण्ड सांस्कृतिक कला रंग मंच के सौजन्य से भुईयाँडीह, जमशेदपुर स्थित दुर्गा पूजा मैदान में 14 जनवरी 2026 (मकर संक्रांति) से 16 जनवरी 2026 तक तीन दिवसीय विशाल टुसू मेला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन वर्ष 1980 से स्थापित एवं झारखण्ड सरकार में निबंधित संस्था झारखण्ड सांस्कृतिक कला रंग मंच द्वारा किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य लोक संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता को सशक्त बनाना है।

शुक्रवार को संवाददाताओं को संबोधित करते पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां ने बताया कि मेले का उद्घाटन 14 जनवरी को किया जाएगा, जिसमें राज्य और क्षेत्र के कई विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। कार्यक्रम में झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, जमशेदपुर लोकसभा सांसद विद्युत वरण महतो और जमशेदपुर की विधायक पूर्णिमा साह मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित हैं। इसके अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनों, मजदूर यूनियनों, आदिवासी एवं मूलवासी समाजों के प्रतिनिधि भी आयोजन में भाग लेंगे।

तीन दिनों तक चलने वाले इस मेले में पारंपरिक टुसू गीत, नृत्य, दुसु और चौड़ल प्रतियोगिता, बुढ़ी गाड़ी नाच सहित कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। समापन समारोह 16 जनवरी को संध्या 5 बजे आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रतियोगिताओं के विजेताओं को नगद राशि, साड़ी, कंबल, शॉल, चावल, पोल्ट्री मुर्गा एवं अन्य आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। दुसु एवं चौड़ल प्रतियोगिता में महिला और पुरुषों की पूर्ण टीम की भागीदारी अनिवार्य होगी।

मेले के दौरान भुईयाँडीह के स्वर्णरेखा नदी किनारे दूसु घाट पर तीनों दिन मुर्गा लड़ाई प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार से लेकर 45वें पुरस्कार तक साइकिल, खस्सी, भेड़ा, आटा, चावल, सरसों तेल, आलू, प्याज, कंबल, शॉल, साड़ी और नगद राशि सहित अनेक पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि मुर्गा लड़ाई पूरी पारदर्शिता और नियमों के तहत लॉटरी प्रणाली से कराई जाएगी तथा किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ के प्रयोग पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।

मेले में मनोरंजन के लिए बिजली झूला, ब्रेक डांस, मनिहारी दुकानें, फोटो स्टूडियो और अन्य आकर्षण भी लगाए जा रहे हैं, जिससे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी वर्गों के लोग मेले का आनंद ले सकें।

इस अवसर पर झारखण्ड आंदोलनकारी नेता एवं आयोजन के प्रमुख आयोजक दुलाल भुईयाँ ने कहा कि टुसू मेला केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि झारखण्ड की सांस्कृतिक पहचान, आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि “भुईयाँडीह का टुसू मेला वर्षों से लोक परंपराओं को जीवित रखने का कार्य कर रहा है। हमारा उद्देश्य है कि नई पीढ़ी अपनी संस्कृति, भाषा और परंपरा से जुड़े और समाज के सभी वर्ग मिलकर इस उत्सव को सफल बनाएं।” उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे परिवार सहित मेले में शामिल होकर इसे ऐतिहासिक रूप से सफल बनाएं।

आयोजक समिति ने सभी मेला प्रेमियों और नागरिकों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने और शांति, अनुशासन एवं सौहार्द के साथ टुसू मेला मनाने की अपील की है।

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