फॉण्ट कनवर्टर NEW

‘सचेत’ और ‘दामिनी’ ऐप कैसे बचा सकते हैं आपकी जान? जानें इसकी खास बातें

Ranchi News : वज्रपात जैसी प्राकृतिक आपदा से बचाव और जनहानि को कम करने के उद्देश्य से Mitigation Project for Lightning Safety (MPLS) Awareness Programme की शुरुआत राँची में की गई। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजुनाथ भजन्त्री ने आज समाहरणालय परिसर से जागरूकता रथ को

अपनी भाषा में पढ़ें

Ranchi News : वज्रपात जैसी प्राकृतिक आपदा से बचाव और जनहानि को कम करने के उद्देश्य से Mitigation Project for Lightning Safety (MPLS) Awareness Programme की शुरुआत राँची में की गई। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजुनाथ भजन्त्री ने आज समाहरणालय परिसर से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर अपर समाहर्ता राँची रामनारायण सिंह समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

यह अभियान गृह मंत्रालय, भारत सरकार की पहल पर शुरू किया गया है और इसे M/S Global Media के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। राँची जिले के चार प्रखंडों – रातु, नामकुम, ओरमांझी और सोनाहातु में 14 दिनों तक (18 अगस्त से 3 सितंबर तक, अवकाश को छोड़कर) इस रथ के माध्यम से लोगों को वज्रपात से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी। प्रत्येक प्रखंड में चार-चार स्थल चिन्हित किए गए हैं, जिनमें स्कूल, बाजार, पंचायत भवन, स्वास्थ्य केंद्र और संस्थान शामिल हैं।

उपायुक्त श्री भजन्त्री ने बताया कि हर साल वज्रपात से बड़ी संख्या में लोगों की जान जाती है। ऐसे में जन-जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने कहा कि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने, पेड़ों के नीचे खड़े न होने, और बिजली उपकरणों से दूरी बनाने जैसी सावधानियों को समझना और अपनाना जरूरी है।

इस अवसर पर जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे ‘सचेत’ और ‘दामिनी’ जैसे मोबाइल ऐप को Google Play Store और iOS App Store से डाउनलोड करें। इन ऐप्स के माध्यम से समय पर अलर्ट और चेतावनियां मिलती हैं, जिससे वज्रपात से संबंधित खतरे को पहले ही भांपकर सावधानियां ली जा सकती हैं।

इस अभियान का उद्देश्य केवल जानकारी देना ही नहीं बल्कि स्थानीय समुदायों को आपदा प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित करना भी है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों और स्थानीय निकायों के साथ मिलकर इसे सफल बनाने की रूपरेखा तैयार की है।

उपायुक्त ने राँची जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और वज्रपात से बचाव के उपायों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। उनका कहना था कि “जागरूकता ही सुरक्षा है और इस पहल से हम राज्य में जान-माल की हानि को न्यूनतम करने में सफल होंगे।”

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram