मोतिहारी: मोतिहारी की ऐतिहासिक मोतीझील को पर्यटन के लिहाज से और आकर्षक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। यहां करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से लाइट एंड साउंड शो बनाया जाएगा। गायत्री मंदिर के पास आयोजित कार्यक्रम में सांसद और पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने परियोजना का शिलान्यास किया।
परियोजना पूरी होने के बाद पर्यटक मोतीझील में मनोरंजन के साथ चंपारण के इतिहास, संस्कृति और विरासत को भी आधुनिक तकनीक के जरिए जान सकेंगे। शो में पानी की स्क्रीन पर 3D प्रोजेक्शन, लेजर लाइट और डायनामिक फाउंटेन का इस्तेमाल किया जाएगा।
22 मिनट का होगा शो
मोतीझील में बनने वाला लाइट एंड साउंड शो करीब 22 मिनट का होगा। इसे हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में तैयार किया जाएगा। शो में अत्याधुनिक साउंड सिस्टम का भी इस्तेमाल होगा।
प्रस्तुति के दौरान पानी की स्क्रीन पर थ्री-डी प्रोजेक्शन और लेजर के जरिए ऐतिहासिक घटनाओं को दिखाया जाएगा। इसका उद्देश्य चंपारण की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को लोगों के सामने आधुनिक तरीके से पेश करना है।
चंपारण के इतिहास की दिखेगी झलक
शो में रामायण, बौद्ध और गांधी सर्किट से जुड़ी विरासत को भी शामिल किया जाएगा। इसके जरिए पर्यटकों और नई पीढ़ी को चंपारण के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी देने की कोशिश होगी।
पांच साल तक होगा संचालन और रखरखाव
परियोजना में शो के निर्माण के साथ उसके संचालन और रखरखाव की भी व्यवस्था की गई है। इसके लिए पांच साल का प्रावधान रखा गया है। इससे शो शुरू होने के बाद इसकी तकनीकी सुविधाओं के संचालन और रखरखाव में मदद मिलेगी।
पर्यटन और स्थानीय कारोबार को मिलेगा फायदा
मोतीझील में लाइट एंड साउंड शो शुरू होने के बाद यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इससे आसपास के दुकानदारों, छोटे कारोबारियों, परिवहन सेवाओं और पर्यटन से जुड़े अन्य लोगों को भी फायदा मिल सकता है।
सांसद राधामोहन सिंह ने इस परियोजना को चंपारण की विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। परियोजना पूरी होने के बाद मोतीझील मोतिहारी का नया पर्यटन आकर्षण बन सकता है।



