जमशेदपुर: झारखंड की धरती और यहाँ के लोगों से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का लगाव किसी से छिपा नहीं है। इसी कड़ी में आगामी 26 फरवरी को महामहिम एक बार फिर लौहनगरी जमशेदपुर के प्रवास पर रहेंगी। उनका यह दौरा न केवल प्रशासनिक बल्कि आध्यात्मिक और शैक्षणिक दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अपने इस व्यस्त कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति शहर के दो प्रमुख आयोजनों का हिस्सा बनेंगी।

जगन्नाथ मंदिर का शिलान्यास और भूमि पूजन

राष्ट्रपति के दौरे का मुख्य आकर्षण कदमा स्थित श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक धर्मार्थ केन्द्र ट्रस्ट का भूमि पूजन समारोह है। मरीन ड्राइव के पास बनने वाला यह केंद्र उड़ीसा की पारंपरिक वास्तुकला का बेजोड़ नमूना होगा। दिलचस्प बात यह है कि इस केंद्र के लिए जमीन का आवंटन उस समय हुआ था जब श्रीमती मुर्मु झारखंड की राज्यपाल थीं। अब उनके हाथों ही इस भव्य परियोजना की नींव रखी जाएगी, जो भविष्य में शोधार्थियों और युवाओं के लिए आध्यात्मिक शिक्षा का बड़ा केंद्र बनेगा।

मेडिकल कॉलेज में युवाओं से संवाद

आध्यात्मिक कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति का मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज जाने का भी प्रस्ताव है। यहाँ वे चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम में शिरकत करेंगी। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में उनकी गहरी रुचि को देखते हुए प्रशासन यहाँ प्रोटोकॉल और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है।

सुरक्षा का अभेद्य घेरा और प्रशासनिक मुस्तैदी

राष्ट्रपति की गरिमा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जमशेदपुर जिला प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। हाल ही में अपर पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) मनोज कौशिक और ग्रामीण विकास सचिव मनोज कुमार ने उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के साथ आयोजन स्थलों का गहन निरीक्षण किया।

प्रशासन ने सुरक्षा घेरे से लेकर ट्रैफिक डायवर्जन, निर्बाध बिजली आपूर्ति और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं तक का खाका तैयार कर लिया है। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रोटोकॉल के पालन में रत्ती भर भी चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एमजीएम अस्पताल ने भी किसी भी आपात स्थिति के लिए विशेषज्ञों की एक विशेष मेडिकल टीम तैनात की है। जमशेदपुर इस समय अपनी ‘बेटी’ और देश की प्रथम नागरिक के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है।

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