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विशेष गहन पुनरीक्षण की उच्चस्तरीय समीक्षा, डीसी ने दिए मतदाता सूची को शुद्ध और समावेशी बनाने के निर्देश

वोटर लिस्ट होगी पूरी तरह त्रुटिहीन, फॉर्म-6 व 8 के त्वरित निष्पादन पर जोर, बीएलओ और ईआरओ घर-घर जाकर करेंगे सत्यापन

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रांची: लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिहीन मतदाता सूची होती है। इसी संकल्प के साथ रांची जिला प्रशासन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 के कार्यों को समय पर और पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए अपनी सक्रियता तेज कर दी है। समाहरणालय ब्लॉक-ए सभागार में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री बिवेक कुमार सुमन सहित जिले के सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) और सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO) उपस्थित रहे।

लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर

समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही सभी तरह के लंबित मामलों का शत-प्रतिशत निपटारा सुनिश्चित किया जाए। खासकर ‘नो मैपिंग’ और ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ से जुड़े मामलों की विस्तृत सुनवाई और उनके समाधान की वर्तमान स्थिति की बिंदुवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि तकनीकी व भौतिक विसंगतियों को दुरुस्त करने में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

फॉर्म-6 और फॉर्म-8 के लिए तय प्रक्रिया का पालन अनिवार्य

नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 तथा मतदाता विवरण में सुधार, स्थानांतरण या संशोधन से संबंधित फॉर्म-8 के निस्तारण को आयोग द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार ही पूर्ण करने के आदेश दिए गए। उपायुक्त ने इस बात पर विशेष बल दिया कि 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई भी योग्य भारतीय नागरिक मतदाता बनने से वंचित न रहे। इसके लिए बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को अपने-अपने पोषक क्षेत्रों में सक्रिय होकर जांच करने का दायित्व सौंपा गया है कि सभी पात्र युवाओं और नागरिकों से अनिवार्य रूप से फॉर्म-6 भरवा लिया गया है या नहीं।

अफसर खुद करेंगे ‘होम टू रोल’ भौतिक सत्यापन

प्रक्रिया को केवल कागजी आंकड़ों तक सीमित न रखकर धरातल पर पुख्ता करने के लिए उपायुक्त ने सभी ईआरओ और एईआरओ को स्वयं ‘होम टू रोल’ फील्ड विजिट करने का कड़ा निर्देश दिया। इसके तहत अधिकारी सीधे घरों और मुहल्लों में जाकर औचक निरीक्षण करेंगे और यह परखेंगे कि बीएलओ द्वारा घर-घर सत्यापन सही तरीके से किया जा रहा है या नहीं। यदि किसी परिवार में कोई पात्र सदस्य छूटा हुआ पाया जाता है, तो मौके पर ही उसका नाम जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 2026 के जरिए राजधानी की मतदाता सूची को पूरी तरह सटीक, अद्यतन और समावेशी बनाना है, ताकि आगामी चुनावों में प्रत्येक नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग गर्व के साथ कर सके।
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