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चाईबासा चर्च में हेरोः परब मनाने पर ‘हो’ समाज का विरोध, प्रशासन से की शिकायत

Jharkhand News: पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा स्थित एक चर्च में आदिवासी ‘हो’ समाज का पारंपरिक त्योहार हेरोः परब मनाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस आयोजन का कड़ा विरोध करते हुए ‘हो’ समाज युवा महासभा ने सोमवार को हरिगुटु स्थित कला एवं

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Jharkhand News: पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा स्थित एक चर्च में आदिवासी ‘हो’ समाज का पारंपरिक त्योहार हेरोः परब मनाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस आयोजन का कड़ा विरोध करते हुए ‘हो’ समाज युवा महासभा ने सोमवार को हरिगुटु स्थित कला एवं संस्कृति भवन में एक आकस्मिक बैठक कर विरोध जताया और इसे समाज की परंपराओं का उल्लंघन बताया।

बैठक की अध्यक्षता युवा महासभा के अध्यक्ष इपिल सामड ने की, जिसमें महासचिव गब्बरसिंह हेम्ब्रम, कोषाध्यक्ष शंकर सिंदु, जिलाध्यक्ष शेरसिंह बिरूवा, सचिव ओयबन हेम्ब्रम, और केंद्रीय क्रीड़ा सचिव सतीश सामड समेत अन्य पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे।

महासभा के नेताओं का कहना है कि चर्च जैसे ईसाई धार्मिक स्थलों में ‘हो’ समाज का परंपरागत पर्व मनाया जाना एक संवैधानिक और सांस्कृतिक उल्लंघन है। उनका कहना है कि यह पर्व केवल आदिवासी गांवों के रैयतों द्वारा विशेष विधि और बोड़ोबोंजी बोंगा के बाद बकरा-मुर्गा बलि, हेरो लड्, हटा डाला, आदवा चावली, नमा चाटु जैसी पारंपरिक सामग्रियों के साथ ही संपन्न किया जा सकता है।

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी चर्च में ‘मगे परब’ जैसे परंपरागत त्योहार मनाए जा चुके हैं, जिससे ‘हो’ समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची थी। महासभा ने यह भी कहा कि धर्मांतरण किए गए या गैर-आदिवासी समुदायों द्वारा इन पर्वों का आयोजन समाज की सांस्कृतिक आत्मा पर आघात है।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जिला प्रशासन को गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए और ऐसे आयोजनों पर तत्काल रोक लगानी चाहिए। महासभा ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो चाईबासा में बंद जैसे आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे।

युवा महासभा के पदाधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके समाज की मान्यताओं और रीति-रिवाजों को बिना अनुमति या सहभागिता के दोहराना या किसी अन्य संदर्भ में प्रस्तुत करना पूरी तरह से अवांछनीय और आपत्तिजनक है।

कार्यक्रम के समापन पर महासभा ने जिला प्रशासन से लिखित शिकायत दर्ज कराने की योजना बनाई और सभी पदाधिकारियों को इसके लिए आवश्यक दस्तावेज एकत्र करने का निर्देश दिया गया।

हेरोः परब क्या है?

हेरोः परब ‘हो’ समाज का एक महत्वपूर्ण पारंपरिक त्योहार है, जिसे फसल, पशुबलि, और गांव की सामूहिक शक्ति के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। यह न केवल धार्मिक आस्था, बल्कि समाज की एकता, संस्कृति और परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है।

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