Health Adda: अक्सर पैरों, टखनों और पंजों में होने वाली सूजन को लोग थकान या सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा करना खतरनाक साबित हो सकता है। चिकित्सा भाषा में शरीर के ऊतकों में अत्यधिक तरल पदार्थ जमा होने को ‘एडिमा’ कहा जाता है। यह समस्या दोनों या किसी एक पैर में हो सकती है। यदि सूजन बार-बार आए, लंबे समय तक बनी रहे या इसके साथ अन्य लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
किन गंभीर बीमारियों का संकेत है सूजन?
हार्ट की कमजोरी: यदि हृदय शरीर में रक्त को सही ढंग से पंप नहीं कर पाता है, तो पैरों और टखनों में तरल पदार्थ जमा होने लगता है। इसके साथ सांस फूलना या जल्दी थकान होना जैसे लक्षण दिख सकते हैं।
किडनी और लिवर की समस्या: किडनी खराब होने पर शरीर से अतिरिक्त पानी और नमक बाहर नहीं निकल पाता, जिससे सूजन आ जाती है। वहीं, लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर स्थिति में पैरों के साथ पेट में पानी भरने और त्वचा पीला पड़ने की समस्या हो सकती है।
डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (DVT): यदि किसी एक पैर में अचानक तेज दर्द, लालिमा और सूजन हो, तो यह नस में खून का थक्का (ब्लड क्लॉट) बनने की खतरनाक स्थिति हो सकती है। ऐसी स्थिति में भूलकर भी मालिश नहीं करनी चाहिए।
बचाव और राहत के उपाय
सामान्य सूजन से राहत पाने के लिए लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने या खड़े रहने से बचना चाहिए। आराम करते समय पैरों को थोड़ा ऊंचा रखना, नमक का सेवन सीमित करना और बीच-बीच में पैरों की हलचल बनाए रखना फायदेमंद होता है। हालांकि, सूजन के साथ सीने में दर्द, सांस लेने में गंभीर परेशानी या तेज धड़कन महसूस हो, तो तुरंत इमरजेंसी मेडिकल हेल्प लेनी चाहिए।



