Hazaribagh News: झारखंड में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। चाईबासा के बाद अब हजारीबाग जिले में हाथियों का कहर देखने को मिल रहा है। बीते तीन दिनों के भीतर हाथी के हमले में दो किसानों की दर्दनाक मौत ने ग्रामीण इलाकों में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।

तालाब के पास किसान को कुचल डाला

ताजा घटना शुक्रवार अहले सुबह कटकमदाग प्रखंड के बनहा गांव की है। यहां तालाब के पास गए किसान गणेश गोप पर अचानक जंगल से भटककर आए एक जंगली हाथी ने हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सुबह घना कोहरा छाया हुआ था, जिससे हाथी की मौजूदगी का अंदाजा नहीं लग पाया। हाथी ने किसान को कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

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घटना की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

खेत में सो रहे किसान की भी गई जान

इससे पहले बुधवार को दारू वन क्षेत्र के चुटियारो गांव में भी इसी तरह की घटना हुई थी। झुंड से बिछड़ा एक जंगली हाथी टमाटर के खेत में घुस गया, जहां किसान आदित्य राणा फसल की रखवाली के लिए खेत में ही सो रहे थे। हाथी ने उन्हें कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

इस घटना में उनकी पत्नी भी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

ग्रामीणों में गुस्सा, वन विभाग पर लापरवाही का आरोप

लगातार हो रही घटनाओं से गांवों में डर का माहौल है। लोग रात के समय घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले कई दिनों से हाथियों का झुंड घूम रहा था, जिसकी सूचना वन विभाग को दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

मुआवजे और सुरक्षा की मांग

घटना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और वन विभाग व जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। मृतक किसानों के परिजनों को तत्काल मुआवजा देने, हाथियों की निगरानी के लिए विशेष टीम तैनात करने और रात में गश्त बढ़ाने की मांग की गई है।

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ग्रामीणों का कहना है कि यदि हाथियों को समय रहते जंगल की ओर खदेड़ा गया होता, तो इन दो निर्दोष किसानों की जान बचाई जा सकती थी। फिलहाल लोग प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

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