फॉण्ट कनवर्टर NEW

तीन स्पेनिश ने घोड़े पर सवार होकर 6500 किमी का सफर तय कर की हज यात्रा

World News: इस साल हज के लिए सऊदी अरब पहुंचे लाखों तीर्थयात्रियों में से सिर्फ तीन ऐसे थे जिन्होंने यह यात्रा घोड़े की पीठ पर की। वह भी स्पेन से मक्का तक करीब 4,000 मील यानी 6500 किलोमीटर का सफर पूरा कर हज करने पहुंचे।

अपनी भाषा में पढ़ें

World News: इस साल हज के लिए सऊदी अरब पहुंचे लाखों तीर्थयात्रियों में से सिर्फ तीन ऐसे थे जिन्होंने यह यात्रा घोड़े की पीठ पर की। वह भी स्पेन से मक्का तक करीब 4,000 मील यानी 6500 किलोमीटर का सफर पूरा कर हज करने पहुंचे। तीनों स्पेनिश मुस्लिम तीर्थयात्री अब्देलकादेर हर्कासी आइदी, अब्दुल्ला राफाएल हर्नान्देज़ मानचा और तारिक रोड्रिग्ज ने इस ऐतिहासिक यात्रा को हज ऑन हॉर्सबैक नाम दिया है। इस अनोखी यात्रा की तैयारी में चार साल लगे, जिसमें घोड़े पालने, अभ्यास यात्रा करने और फंड इकट्ठा करने जैसे कई चरण शामिल थे।

सऊदी पहुंचने पर अफसरों ने किया राजाओं की तरह स्वागत, लोग कर रहे तारीफ

उन्होंने अक्टूबर 2024 में दक्षिणी स्पेन से घोड़े से यात्रा शुरु की और 12 देशों से होते हुए सबसे पवित्र शहर मक्का पहुंचे। रास्ते में इटली के बर्फीले टनलों, बोस्निया के बारूदी सुरंगों से भरे इलाकों और सीरिया के युद्ध प्रभावित क्षेत्रों से गुजरते हुए उन्हें कई जानलेवा कठिनाइयों का सामना किया। इस यात्रा को सोशल मीडिया पर जबरदस्त लोकप्रियता मिल रही है लोग इन तीनों यात्रियों की बहादुरी को सलाम कर रहे हैं। 345,000 से ज्यादा इंस्टाग्राम फॉलोअर्स, 250,000 से ज्यादा टिकटॉक फॉलोअर्स और 5.5 लाख से ज्यादा व्यूज हैं। कई लोग उनकी मदद के लिए आगे भी आए। लोगों ने खाना, रहने की जगह और आर्थिक मदद भी दी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक अमेरिकी कलाकार ने उनके लिए अरबी शैली में एक प्रतीक चिन्ह भी डिजाइन किया। इन लोगों को हर देश में सीमाओं पर परेशानी झेलनी पड़ी। घोड़ों को अलग करना पड़ा। स्थानीय घोड़े उधार लेने पड़े। कभी-कभी अधिकारियों की अनुमति लेना कठिन हो गया फिर भी हर देश में मिले लोगों के प्यार और मदद ने उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दिया। सऊदी अरब में अधिकारियों ने इन तीर्थयात्रियों का स्वागत राजा-महाराजाओं की तरह किया। मक्का पहुंचने के बाद उन्होंने लिखा- शब्दों में वह भावना नहीं समा सकती जो हमें यहां खड़े होकर महसूस हो रही है। हम प्रार्थना करते हैं कि हर मुसलमान को यह अवसर मिले। अब यह तीर्थयात्री अपनी इस यात्रा पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी बनाने की योजना बना रहे हैं।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram