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गेंदा फूल की खेती पर किसानों को 40 हजार रुपये तक अनुदान, ऐसे करें आवेदन

बिहार में गेंदा फूल की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने उत्पादन एवं प्रसंस्करण योजना शुरू की है। किसानों को 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा और आवेदन 31 दिसंबर 2026 तक किया जा सकता है।
गेंदा फूल की खेती

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Patna: राज्य में गेंदा फूल की खेती करने वाले किसानों के लिए सरकार ने वित्तीय सहायता की योजना शुरू की है। उद्यान निदेशालय की गेंदा फूल उत्पादन एवं प्रसंस्करण योजना के तहत किसानों को खेती और प्रसंस्करण के लिए अनुदान दिया जाएगा। योजना में 25 हेक्टेयर के क्लस्टर में गेंदा फूल की खेती कराई जाएगी और आवेदन की प्रक्रिया 15 सितंबर से शुरू हो चुकी है। किसान 31 दिसंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

गेंदा की खेती पर 40 हजार तक अनुदान

लागत की आधी रकम देगी सरकार

योजना के तहत गेंदा फूल की खेती के लिए 80 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की इकाई लागत तय की गई है। इस पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। यानी किसान को अधिकतम 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक की वित्तीय सहायता मिल सकेगी।

एक किसान न्यूनतम 0.1 हेक्टेयर और अधिकतम दो हेक्टेयर तक योजना का लाभ ले सकता है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि फूलों की खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

एक पंचायत में बनेगा 25 हेक्टेयर का क्लस्टर

योजना का लाभ लेने के लिए किसान को निर्धारित क्लस्टर में ही आवेदन करना होगा। एक क्लस्टर का क्षेत्रफल 25 हेक्टेयर होगा। इसके लिए एक पंचायत या दो समीपवर्ती पंचायतों का चयन किया जा सकता है।

किसान के पास गेंदा फूल की खेती के लिए जमीन उपलब्ध होना जरूरी है। जिन किसानों के पास अपनी जमीन नहीं है, वे निर्धारित एकरारनामा के आधार पर योजना का लाभ ले सकते हैं। भूमि दस्तावेज में आवेदक का नाम स्पष्ट नहीं होने पर वंशावली प्रस्तुत करनी होगी।

मालवाहक वाहन पर भी मिलेगा अनुदान

गेंदा फूल की खेती के साथ उसके परिवहन के लिए मालवाहक वाहन खरीदने पर भी सरकार अनुदान देगी। वाहन की अधिकतम लागत 3.25 लाख रुपये मानी जाएगी। वास्तविक वाहन मूल्य या 3.25 लाख रुपये, जो भी कम हो, उस पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा।

यह लाभ केवल गेंदा फूल की खेती करने वाले किसानों को मिलेगा। वाहन अनुदान के लिए आवेदन करते समय वाहन का कोटेशन, जमीन के कागजात और गेंदा फूल की खेती से संबंधित एकरारनामा एक साथ अपलोड करना होगा।

आवेदन के लिए ये दस्तावेज जरूरी

योजना का लाभ लेने के लिए एलपीसी यानी भूमि स्वामित्व प्रमाण-पत्र जरूरी है। जिन किसानों के पास अपनी जमीन नहीं है, उन्हें निर्धारित एकरारनामा देना होगा। योजना के तहत रबी और खरीफ दोनों मौसम में गेंदा फूल की खेती कराई जाएगी।

कृषि मंत्री ने किसानों से योजना का लाभ लेने और फूलों की खेती को आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में अपनाने की अपील की है। सरकार का जोर गेंदा फूल की खेती को क्लस्टर के रूप में विकसित करने के साथ उसके परिवहन और विपणन को बढ़ावा देने पर भी है।

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