रांची: झारखंड की राजधानी रांची का ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर आगामी 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। उपायुक्त सह रांची पहाड़ी मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस बार श्रद्धालुओं के लिए “इको-फ्रेंडली” और सुरक्षित अनुभव पर जोर दिया गया है।
दर्शन और जलाभिषेक की व्यवस्था
मंदिर समिति ने निर्णय लिया है कि 15 फरवरी की सुबह सरकारी पूजा संपन्न होने के बाद आम भक्तों के लिए पट खोल दिए जाएंगे। भीड़ को नियंत्रित करने और सुगम दर्शन के लिए ‘अर्घा सिस्टम’ लागू किया जाएगा। जो भक्त मंदिर नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए आरती का लाइव प्रसारण दूरदर्शन के माध्यम से करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि घर बैठे ही महादेव के दर्शन किए जा सकें।
सुरक्षा का अभेद्य घेरा
महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उपायुक्त ने निर्देश दिया है कि छेड़छाड़, छिनतई और पॉकेटमारी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सादे लिबास में पुलिस बल तैनात रहेंगे। साथ ही, पूरे परिसर की निगरानी के लिए अतिरिक्त CCTV कैमरे लगाए जाएंगे और 1 दिसंबर 2025 से जून 2026 तक के लिए सुरक्षा एजेंसी का अनुबंध भी बढ़ा दिया गया है।
प्लास्टिक मुक्त शिवरात्रि की अपील
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मंजूनाथ भजन्त्री ने श्रद्धालुओं से प्लास्टिक का उपयोग न करने की अपील की है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे पूजा सामग्री के लिए बांस की टोकरी, कपड़े के झोले और दोना-पत्तल का ही प्रयोग करें। मंदिर की सजावट भी प्राकृतिक फूलों से की जाएगी और भव्य पुष्प द्वार बनाए जाएंगे।
प्रशासनिक मुस्तैदी
बैठक में बिजली विभाग को निर्बाध आपूर्ति, नगर निगम को सफाई और स्वास्थ्य विभाग को मेडिकल टीम तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पहाड़ी मंदिर के आसपास से अतिक्रमण हटाने और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने के लिए निरंतर पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाएगी।



