Lohardaga News: लोहरदगा ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की गुणवत्ता, निरंतरता और बच्चों की बहुआयामी प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से ग्राम शिक्षा संगम कार्यक्रम को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस क्रम में राज्यकीय उत्क्रमित उर्दू मध्य विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मुमताज अहमद ने ग्राम शिक्षा संगम के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों की छुट्टियों का सकारात्मक उपयोग सुनिश्चित करना है, ताकि पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा न आए और शिक्षा की निरंतरता बनी रहे। इसके अंतर्गत बच्चों के भीतर छुपी प्रतिभाओं, जैसे कला, विज्ञान, भाषा सीखने की कला, रचनात्मक लेखन, नवाचार और तार्किक सोच को पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रभारी प्रधानाध्यापक ने कहा कि ग्राम शिक्षा संगम केवल विद्यालय तक सीमित कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसमें अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीण समुदाय की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।अभिभावकों के सहयोग से बच्चों को घर पर भी सीखने का अनुकूल वातावरण मिलता है, वहीं जनप्रतिनिधियों के जुड़ाव से कार्यक्रम को सामाजिक समर्थन और मजबूती प्राप्त होती है।
उन्होंने विभाग द्वारा निर्देशित आदेशों के अनुपालन की जानकारी देते हुए बताया कि विद्यालय से दूर स्थित नए अस्पताल तक की शैक्षणिक एवं सामाजिक जानकारी भी बच्चों और ग्रामीणों को दी जा रही है, ताकि वे स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति जागरूक हो सकें। साथ ही ग्रामीणों द्वारा अपने खेतों का उपयोग कर स्वयं के साथ-साथ दूसरों के लिए अनाज उत्पादन की परंपरा को आत्मनिर्भरता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया गया। इस अवसर पर सहायक अध्यापक मुश्ताक अंसारी भी उपस्थित रहे और उन्होंने बच्चों की नियमित सहभागिता, अभिभावकों के सहयोग तथा सामुदायिक सहभागिता को ग्राम शिक्षा संगम की सफलता की कुंजी बताया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि जब विद्यालय, परिवार और समाज एक साथ मिलकर शिक्षा के लिए कार्य करते हैं, तो बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होता है और ग्राम स्तर पर शिक्षा की एक मजबूत नींव तैयार होती है।

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