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सरकार का बड़ा फैसला, कमर्शियल LPG आवंटन अब 50% तक बढ़ा

New Delhi: देश में एलपीजी की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कमर्शियल एलपीजी का आवंटन बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे पहले 20 प्रतिशत आवंटन पहले से दिया जा

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New Delhi: देश में एलपीजी की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कमर्शियल एलपीजी का आवंटन बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे पहले 20 प्रतिशत आवंटन पहले से दिया जा रहा था और 10 प्रतिशत पीएनजी विस्तार से जुड़ा था, अब इसमें अतिरिक्त 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, यह अतिरिक्त एलपीजी उन क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा जहां इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। इनमें होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, औद्योगिक कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, डेयरी यूनिट, सरकारी सब्सिडी वाले कैंटीन, कम्युनिटी किचन और प्रवासी मजदूरों के लिए छोटे सिलेंडर शामिल हैं।

सरकार ने बताया कि 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने केंद्र के निर्देशों के अनुसार गैर-घरेलू एलपीजी वितरण के आदेश जारी कर दिए हैं। बाकी जगहों पर सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां सप्लाई सुनिश्चित कर रही हैं। पिछले एक सप्ताह में करीब 13,479 मीट्रिक टन एलपीजी की आपूर्ति की गई है।

शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों को इस आवंटन में खास प्राथमिकता दी गई है। कुल कमर्शियल एलपीजी का लगभग आधा हिस्सा इन्हीं क्षेत्रों को दिया जा रहा है, ताकि जरूरी सेवाओं में किसी तरह की बाधा न आए।

इधर सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर भी सख्ती दिखाई है। देशभर में लगातार छापेमारी की जा रही है। उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में अब तक 3,500 से ज्यादा छापे मारे जा चुके हैं और करीब 1,400 सिलेंडर जब्त किए गए हैं।

तेल कंपनियों के अधिकारियों ने 2,000 से अधिक पेट्रोल पंप और एलपीजी एजेंसियों पर औचक निरीक्षण भी किया है, ताकि सप्लाई व्यवस्था सुचारू बनी रहे और किसी तरह की गड़बड़ी न हो।

सरकार ने यह भी साफ किया है कि मौजूदा वैश्विक हालात के बावजूद घरेलू एलपीजी और पीएनजी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही अस्पताल और शिक्षण संस्थान भी प्राथमिकता में शामिल हैं।

मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाया गया है, शहरी क्षेत्रों में सिलेंडर बुकिंग का अंतर 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में इसे 45 दिन तक कर दिया गया है।

इसके अलावा वैकल्पिक ईंधन के तौर पर केरोसिन और कोयले की भी व्यवस्था की जा रही है। राज्यों को अतिरिक्त 48,000 किलोलीटर केरोसिन दिया गया है और इसके वितरण के लिए स्थान तय करने के निर्देश दिए गए हैं। कोयला मंत्रालय ने भी कोल इंडिया और सिंगरेनी कोलियरीज को ज्यादा आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा है।

सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर खरीदारी न करें और अफवाहों से बचें। साथ ही डिजिटल माध्यम से बुकिंग करने और होम डिलीवरी का उपयोग करने की सलाह दी गई है। सरकार का कहना है कि देश में एलपीजी और अन्य ईंधनों की पर्याप्त उपलब्धता है और सप्लाई बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

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