Koderma news: पर्यावरण संरक्षण को जन अभियान बनाने और समाज में हरियाली के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से अहिवरण वंशज मोदी बर्णवाल समाज, कोडरमा की ओर से
द रामेश्वर वैली स्कूल परिसर में पौधा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान समाज की ओर से करीब 300 फलदार पौधों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन के साथ हुई।
इसके बाद मुख्य अतिथि झुमरी तिलैया नगर परिषद अध्यक्ष रमेश हर्षधर का समाज की ओर से मुरली मोदी और सतीश बर्णवाल ने
अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम पर रोशनी डालते हुए वंशज के अध्यक्ष प्रवीण मोदी ने कहा कि हमारा संगठन हमेशा मानव सेवा और पर्यावरण संरक्षण का कार्य करती है । और फलदार पौधों का वितरण और संरक्षण पर्यावरण को जरूर लाभ पहुंचाएगी ।
मुख्य अतिथि ने लोगों के बीच पौधों का वितरण करते हुए पर्यावरण के प्रति जागरूकता पर प्रकाश डाला।
रमेश हर्षधर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक व्यक्ति, संस्था या समाज की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
आज लगाया गया एक पौधा आने वाले वर्षों में विशाल वृक्ष बनकर फल, छाया और स्वच्छ वातावरण प्रदान करेगा।
उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की।
समाज की ओर से आम, अमरूद, चीकू, नींबू सहित विभिन्न प्रजातियों के फलदार पौधे वितरित किए गए।
आयोजकों ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल पौधों का वितरण करना नहीं, बल्कि लोगों को उन्हें सुरक्षित रखकर वृक्ष बनने तक देखभाल के लिए प्रेरित करना है।
कार्यक्रम के दौरान ‘एक पौधा दस पुत्र के समान’ तथा ‘
पेड़ लगाएं, पर्यावरण बचाएं’
जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया।
पेड़ मानव जीवन के लिए ऑक्सीजन, फल, छाया और स्वच्छ वातावरण का आधार हैं। प्रत्येक परिवार को कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी उठानी चाहिए।
कार्यक्रम को सफल बनाने में अहिवरण वंशज के अध्यक्ष प्रवीण मोदी, सचिव चंदन बर्णवाल एवं परियोजना निदेशक एस.के. सुमन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मौके पर फाउंडर अध्यक्ष मुरली मोदी, डॉ. बीएचपी बर्णवाल, सूरज देव मोदी, विकास बर्णवाल, पल्लव बर्णवाल, अनूप कुमार, विक्की मोदी, जागृति मंच की महिला जिला अध्यक्ष लक्ष्मी बर्नवाल , कविता बर्नवाल सहित समाज के अन्य सदस्य एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
समाज ने संकल्प लिया कि पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान निरंतर चलाए जाएंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरा-भरा और बेहतर पर्यावरण मिल सके।




