Ranchi News: प्रतिबंधित नक्सली संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने झारखंड सहित पांच राज्यों में फिर एक बार अशांति फैलाने की तैयारी शुरू कर दी है। संगठन के पूर्वी रीजनल ब्यूरो की ओर से 20 जुलाई से 3 अगस्त तक स्मृति सभा आयोजित करने का एलान किया गया है। इस दौरान संगठन अपने प्रभाव वाले इलाकों में सभाएं, कार्यक्रम और शहीदों को श्रद्धांजलि देने के आयोजन करेगा।
सबसे अहम बात यह है कि माओवादियों ने 3 अगस्त को झारखंड, बिहार, उत्तर छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और असम में बंद का एलान किया है। संगठन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस बंद को “राजनीतिक विरोध और स्मृति दिवस” का हिस्सा बताया है।
स्मृति सभा के बहाने संगठन दिखाना चाहता है ताकत
इसका सीधा मकसद यह भी माना जा रहा है कि माओवादियों की गतिविधियों को लेकर राज्य और केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जाए और खुद को क्षेत्र में मजबूत दिखाया जाए।
पुलिस ने बढ़ाई निगरानी, नक्सल इलाकों में हाई अलर्ट
इस ऐलान के बाद झारखंड पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया है। राज्य पुलिस प्रवक्ता और आईजी अभियान डॉ. माइकल एस. राज ने बताया कि सभी नक्सल प्रभावित जिलों को अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस को माओवादियों की योजना की पूर्व सूचना है और सुरक्षा एजेंसियां हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
डॉ. माइकल ने बताया कि बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। सीआरपीएफ, झारखंड जगुआर और जिला पुलिस बल को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।
लुगू पहाड़ी मुठभेड़ की प्रतिक्रिया मानी जा रही यह घोषणा
उल्लेखनीय है कि 21 अप्रैल को बोकारो जिले की लुगू पहाड़ी में हुई मुठभेड़ में पुलिस ने माओवादियों को बड़ा नुकसान पहुंचाया था। इस ऑपरेशन में माओवादी केंद्रीय कमेटी के सदस्य प्रयाग मांझी उर्फ विवेक सहित कई शीर्ष नेता मारे गए थे। सूत्रों के अनुसार, इसी मुठभेड़ में मारे गए साथियों की याद में संगठन अब यह स्मृति सभा और बंद का आयोजन कर रहा है।
जनजीवन पर असर की आशंका, लोगों से सतर्कता बरतने की अपील
पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से अफवाहों से बचने और सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही कहा गया है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय थाना या नजदीकी पुलिस चौकी को दें। बंद के दिन वाहनों की आवाजाही, ट्रेनों की समय सारणी और बाजार व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।



