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रांची के पूर्व पार्षद असलम को मिली जमानत, अब ह’त्या केस में घिर सकते हैं?

Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी थाना क्षेत्र से जुड़े एक बड़े मामले में पूर्व वार्ड पार्षद मोहम्मद असलम को झारखंड उच्च न्यायालय से राहत मिली है। अदालत ने 22 जनवरी 2024 को हुए जानलेवा हमले के मामले में असलम को जमानत प्रदान

पूर्व पार्षद मोहम्मद असलम

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Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी थाना क्षेत्र से जुड़े एक बड़े मामले में पूर्व वार्ड पार्षद मोहम्मद असलम को झारखंड उच्च न्यायालय से राहत मिली है। अदालत ने 22 जनवरी 2024 को हुए जानलेवा हमले के मामले में असलम को जमानत प्रदान की है। न्यायमूर्ति अंबुज नाथ की अदालत ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान 20-20 हजार रुपये के दो निजी मुचलके जमा करने की शर्त पर जमानत की मंजूरी दी।

हालांकि, असलम की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। वह 10 अगस्त को हिंदपीढ़ी में हुए साहिल उर्फ कुरकुरे हत्याकांड में भी नामजद आरोपित हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जैसे ही असलम जेल से बाहर आएंगे, उन्हें इस हत्या मामले में गिरफ्तार किया जा सकता है।

मामला 23 जनवरी 2024 को दर्ज प्राथमिकी से शुरू हुआ था। हिंदपीढ़ी निवासी कलीम ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि 22 जनवरी को मोजाहिद नगर के पास पूर्व पार्षद असलम, उनके भाई आसिफ और अन्य लोगों ने इरशाद उर्फ अप्पू पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। आरोप के मुताबिक, यह हमला छेड़खानी का विरोध करने पर हुआ था। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें मारपीट और गोलीबारी के दृश्य देखे गए।

पुलिस ने प्राथमिकी के आधार पर असलम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब हाईकोर्ट से उन्हें जानलेवा हमले के मामले में जमानत मिल चुकी है, लेकिन साहिल हत्याकांड में उनकी गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, एक मामले में जमानत मिलने का अर्थ यह नहीं है कि अन्य गंभीर मामलों में राहत भी मिल जाएगी। ऐसे मामलों में पुलिस अलग-अलग प्राथमिकी के तहत कार्रवाई करती है। असलम का नाम पहले से ही कई विवादों में सामने आ चुका है, और अब देखना यह होगा कि वह बाहर आने के बाद किन कानूनी चुनौतियों का सामना करते हैं।

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