फॉण्ट कनवर्टर NEW

पूर्व CM चंपाई सोरेन हाउस अरेस्ट, रिम्स-2 की जमीन पर हल चलाने से पहले रोके गए

Ranchi News: झारखंड की राजनीति में रविवार को एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता चंपाई सोरेन को रांची पुलिस ने उनके लालपुर स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया। पुलिस प्रशासन का यह कदम उस समय

अपनी भाषा में पढ़ें

Ranchi News: झारखंड की राजनीति में रविवार को एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता चंपाई सोरेन को रांची पुलिस ने उनके लालपुर स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया। पुलिस प्रशासन का यह कदम उस समय उठाया गया, जब चंपाई सोरेन नगड़ी में प्रस्तावित रिम्स-2 (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान-2) की जमीन पर हल चलाकर विरोध जताने की तैयारी में थे।

विरोध प्रदर्शन से पहले ही नजरबंद

चंपाई सोरेन का रविवार को “हल जोतो, रोपा रोपो” कार्यक्रम के तहत नगड़ी में आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का कार्यक्रम था। वे किसानों और आदिवासियों के साथ मिलकर रिम्स-2 की प्रस्तावित जमीन पर हल चलाकर सरकार के खिलाफ संदेश देने वाले थे। लेकिन प्रशासन ने इसके पहले ही उन्हें घर से बाहर निकलने से रोक दिया।

चंपाई सोरेन ने सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा –
“नगड़ी के आदिवासी/मूलवासी किसानों की आवाज उठाने से रोकने के लिए झारखंड सरकार ने आज सुबह से मुझे हाउस अरेस्ट कर लिया है।”

पुलिस की तैयारी और कड़ी सुरक्षा

प्रशासन को आशंका थी कि इस विरोध कार्यक्रम में हजारों लोग जुट सकते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा था। इसी वजह से नगड़ी और उसके आसपास भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। सिटी डीएसपी केवी रमण ने पुष्टि की कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस अलर्ट पर है। भाजपा के अन्य कई नेताओं को भी नगड़ी जाने से रोका जा रहा है।

जमीन विवाद की पृष्ठभूमि

रिम्स-2 के लिए चिह्नित जमीन पर लंबे समय से विवाद चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन कई साल पहले अधिग्रहित की गई थी, लेकिन यहां कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ। न तो अस्पताल की इमारत बनी और न ही कोई अन्य गतिविधि शुरू हुई। ऐसे में ग्रामीणों का दावा है कि जमीन पर उनका स्वाभाविक हक है।

ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि सरकार ने जबरन जमीन को कांटेदार तारों से घेर दिया है और किसानों को खेती करने से रोका जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों में गहरा रोष है। “नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति” ने इसको लेकर कई दिनों से आंदोलन की तैयारी की है। समिति ने किसानों और आदिवासी समाज से अपील की है कि वे इस संघर्ष में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

भाजपा का रुख और सरकार पर निशाना

भाजपा लगातार इस मुद्दे पर सरकार को घेर रही है। चंपाई सोरेन का कहना है कि राज्य सरकार आदिवासियों और किसानों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि रैयतों की जमीन छीनकर विकास के नाम पर सरकार केवल राजनीतिक खेल खेल रही है।

भाजपा नेताओं का कहना है कि रिम्स-2 का निर्माण कार्य वर्षों से अधर में लटका है। सरकार ने यदि अस्पताल बनाना ही था, तो अब तक काम क्यों शुरू नहीं हुआ? दूसरी ओर, जमीन को बंजर छोड़कर ग्रामीणों को खेती करने से रोकना नाइंसाफी है।

प्रशासन का तर्क

वहीं, प्रशासन का कहना है कि जमीन का अधिग्रहण कानूनी रूप से किया गया था और यह सरकारी परियोजना के लिए आरक्षित है। अधिकारी बताते हैं कि जल्द ही रिम्स-2 का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। ऐसे में किसानों द्वारा जमीन पर कब्जा करने या हल चलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

माहौल गर्म, आगे क्या?

चंपाई सोरेन को हाउस अरेस्ट करने के बाद सियासी माहौल और गर्म हो गया है। भाजपा नेताओं ने सरकार पर लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाया है। वहीं, ग्रामीण अब भी अपने विरोध को जारी रखने की तैयारी में हैं। “नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति” ने ऐलान किया है कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक रैयतों को न्याय नहीं मिलता।

राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में इस घटनाक्रम के बाद पुलिस-प्रशासन हाई अलर्ट पर है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार रैयतों के साथ कोई बातचीत करेगी या टकराव और बढ़ेगा।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram