धनबाद: बाघमारा कोयलांचल की राजनीति में शुक्रवार को एक ऐसा यू-टर्न आया जिसने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। कांग्रेस के कद्दावर नेता, पूर्व विधायक और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री स्वर्गीय ओपी लाल के घर की कलह अब सड़क पर आ चुकी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि न्याय की गुहार लगाने के लिए इस कांग्रेसी दिग्गज का बड़ा बेटा कांग्रेस दफ्तर नहीं, बल्कि धुर विरोधी पार्टी भाजपा के नेताओं की चौखट पर पहुंच गया।

स्वर्गीय ओपी लाल के बड़े पुत्र सुनील लाल ने अपनी पत्नी शकुंतला श्रीवास्तव के साथ धनबाद के सांसद ढुलू महतो और बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो से मुलाकात की। उन्होंने अपने छोटे भाई और वर्तमान कांग्रेस नेता अशोक लाल के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए भाजपा नेताओं से इस पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की।

नाम बदलने का सनसनीखेज दावा : “वह अशोक लाल नहीं, अशोक श्रीवास्तव है”

प्रेस से बातचीत के दौरान सुनील लाल ने अपने भाई पर बेहद संगीन और हैरान करने वाले आरोप लगाए। सुनील लाल का दावा है कि उनके छोटे भाई ने सिर्फ राजनीतिक रसूख हासिल करने और पिता की विरासत का नाजायज फायदा उठाने के लिए अपना नाम ही बदल डाला।

“अशोक लाल का असली और कानूनी नाम ‘अशोक कुमार श्रीवास्तव’ है। लेकिन कांग्रेस की राजनीति में खुद को चमकाने और पिता स्वर्गीय ओपी लाल की पहचान का फायदा उठाने के लिए उसने धोखे से अपना नाम ‘अशोक प्रकाश लाल’ कर लिया।”सुनील लाल (स्व. ओपी लाल के बड़े पुत्र)

जमीन पर कब्जा, कोर्ट का आदेश और जान का खतरा

इस विवाद में केवल नाम का हेरफेर नहीं, बल्कि करोड़ों की संपत्ति और पारिवारिक रंजिश का एंगल भी शामिल है। सुनील लाल की पत्नी शकुंतला श्रीवास्तव ने अपने देवर पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कोर्ट का फैसला उनके पक्ष में होने के बावजूद वे खौफ के साए में जी रहे हैं।

शकुंतला श्रीवास्तव ने भावुक होते हुए कहा कि अशोक लाल ने उनकी पैतृक संपत्ति हड़प ली है। सोशल मीडिया पर फर्जी और भ्रामक वीडियो वायरल कर पूरे परिवार को बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, जिसके कारण वे अपनी ही जमीन पर जाने से कतरा रहे हैं।

मामले में भाजपा की एंट्री, गरमाई बाघमारा की सियासत

इस हाई-प्रोफाइल पारिवारिक ड्रामे में भाजपा नेताओं की एंट्री ने मामले को पूरी तरह राजनीतिक रंग दे दिया है। पीड़ित परिवार की बात सुनने के बाद बाघमारा के भाजपा विधायक शत्रुघ्न महतो खुलकर उनके समर्थन में आ गए हैं। विधायक महतो ने कड़े शब्दों में कहा: किसी भी कीमत पर कोयलांचल में अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अशोक लाल ने अपनी राजनीतिक हनक के दम पर अपने ही सगे भाई के अधिकारों का हनन किया है। भाजपा इस पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें उनका हक दिलाने के लिए हर संभव कानूनी व सामाजिक प्रयास करेगी।

कांग्रेस के इतने प्रतिष्ठित परिवार का यह अंदरूनी विवाद अब धनबाद और बाघमारा की राजनीति का सबसे गर्म मुद्दा बन चुका है। चुनाव और सियासी समीकरणों के बीच इस ‘घर की लड़ाई’ का ऊँट किस करवट बैठता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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