देवघर: झारखंड कांग्रेस के दिग्गज नेता और विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ देवघर परिसदन में जमकर हुंकार भरी। शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने देश में शुरू हो रही वर्ष 2026 की जनगणना प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। प्रदीप यादव ने आरोप लगाया कि जनगणना के लिए तय किए गए 33 बिंदुओं में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का कोई स्पष्ट जिक्र नहीं है। इससे साफ होता है कि केंद्र सरकार पिछड़े वर्गों के वास्तविक आंकड़े छिपाना चाहती है और जातिगत आंकड़ों का संकलन ठीक से नहीं किया जा रहा है।

प्रदीप यादव ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मांग को दोहराते हुए कहा कि देशव्यापी जाति आधारित जनगणना समय की मांग है।

“जातिगत जनगणना देश की सामाजिक संरचना का ‘एक्स-रे’ है। इसके जरिए ही यह साफ हो पाएगा कि आजादी के इतने दशकों बाद किस वर्ग का कितना विकास हुआ और कौन सा समुदाय आज भी विकास की दौड़ में पीछे छूट गया है। अगर केंद्र सरकार ने जातिगत जनगणना नहीं कराई, तो राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सड़कों पर उतरकर देशव्यापी आंदोलन करेगी।”प्रदीप यादव, नेता (कांग्रेस विधायक दल)

वोटर लिस्ट से नाम हटाने की साजिश का आरोप

प्रेस वार्ता के दौरान प्रदीप यादव ने एक और गंभीर मुद्दा उठाते हुए ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) प्रक्रिया पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया की आड़ में गैर-भाजपाई मतदाताओं, गरीबों, पिछड़ों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के नाम जानबूझकर वोटर लिस्ट से काटने की कोशिश की जा रही है। इस साजिश को नाकाम करने के लिए कांग्रेस ने कमर कस ली है और बूथ स्तर पर BLA-2 की नियुक्ति कर उन्हें ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया है, ताकि हर नागरिक के वोट देने के अधिकार की रक्षा हो सके।

महंगाई, नीट पेपर लीक और आंतरिक कलह पर बेबाक बोल

प्रदीप यादव ने केंद्र सरकार को चौतरफा घेरते हुए देश की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति पर कड़े प्रहार किए:

  • महंगाई और ईंधन संकट: उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई और गैस-ईंधन की किल्लत के कारण देश के हालात एक बार फिर कोरोना काल जैसे भयावह होते जा रहे हैं।

  • नीट पेपर लीक: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में पेपर लीक होने को उन्होंने केंद्र सरकार की सबसे बड़ी प्रशासनिक विफलता करार दिया।

  • बिहार में मॉक ड्रिल: बिहार में चल रहे ब्लैकआउट मॉक ड्रिल पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि इसके जरिए आम जनता के बीच सिर्फ भ्रम और डर का माहौल बनाया जा रहा है।

वहीं, झारखंड कांग्रेस के भीतर मचे आंतरिक घमासान और वित्त मंत्री राधा कृष्णा किशोर सांसद सुखदेव भगत द्वारा प्रदेश नेतृत्व पर उठाए गए सवालों को उन्होंने सामान्य बताया। प्रदीप यादव ने कहा कि नए संगठन के बनने पर शुरुआती मतभेद और खींचतान होना स्वाभाविक है, जिसे जल्द ही आपसी बातचीत और संवाद के जरिए सुलझा लिया जाएगा।

इससे पहले देवघर परिसदन पहुंचने पर स्थानीय कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदीप यादव का गुलदस्ता देकर जोरदार स्वागत किया, जिसके बाद उन्होंने पार्टी की मजबूती के लिए एक अहम बैठक भी की।

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