Dubai, (UAE): मध्य पूर्व के चमकते शहर दुबई से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों को चौंका दिया है। यहां पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो दिन में खुद को लाचार भिखारी दिखाता था और रात में लग्जरी कारों में घूमता था।

जांच में सामने आया कि यह कोई मजबूर इंसान नहीं, बल्कि अच्छी-खासी संपत्ति का मालिक है। पुलिस की एंटी-बेगिंग मुहिम के दौरान पकड़े गए इस आरोपी के पास तीन आलीशान कारें मिलीं। अधिकारियों का कहना है कि इन गाड़ियों की खरीद भीख से जुटाए गए पैसों से की गई थी।

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बताया जा रहा है कि आरोपी ने भीख मांगने को बाकायदा एक बिजनेस बना लिया था। खासकर रमजान के महीने में, जब लोग दान-पुण्य ज्यादा करते हैं, वह सक्रिय हो जाता था। सड़कों पर फटे कपड़े पहनकर खड़ा होता, बीमारी, कर्ज या पारिवारिक संकट की भावुक कहानी सुनाता और राहगीरों से पैसे मांगता।

दुबई पुलिस के क्रिमिनल फिनोमेना विभाग के निदेशक ब्रिगेडियर अली अल शम्सी के अनुसार, आरोपी की हर गतिविधि योजनाबद्ध थी। वह रोज तय जगहों पर जाता, लोगों की सहानुभूति बटोरता और दिन खत्म होते ही अपनी महंगी कार में बैठकर निकल जाता। उसकी बैंकिंग गतिविधियां और रहन-सहन देखकर जांच अधिकारी भी हैरान रह गए।

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पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, इस तरह के मामलों में शामिल करीब 90 प्रतिशत लोग विदेशी नागरिक होते हैं, जो रमजान के दौरान विजिट वीजा पर आते हैं। अभियान के दौरान कई अन्य लोगों के पास से भी हजारों दिरहम नकद बरामद हुए। एक मामले में तो 25 हजार दिरहम मिलने के बावजूद व्यक्ति सड़क पर भीख मांगता पाया गया।

यूएई के कानून के तहत भीख मांगना दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर जेल और जुर्माने का प्रावधान है। संगठित गिरोह चलाने वालों के लिए सजा और सख्त हो सकती है।

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि सड़क पर नकद दान देने से बचें और केवल अधिकृत चैरिटी संस्थाओं के माध्यम से ही मदद करें। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की ठगी न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि असली जरूरतमंदों के हक पर भी चोट है।

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