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हजारीबाग: रामनवमी के अवसर पर हजारीबाग के झंडा चौक के पास हुई अभिषेक कुमार की नृशंस हत्या ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था। लेकिन हजारीबाग पुलिस ने अपनी तत्परता और तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए इस सनसनीखेज मामले का सफलतापूर्वक उद्भेदन कर दिया है। पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिए हैं।
एसआईटी (SIT) की त्वरित कार्रवाई
हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) अंजनी अंजन के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) अमित आनंद के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी शुरू की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला, जिससे आरोपियों की पहचान संभव हो सकी। गिरफ्तार आरोपियों में विजय कुमार विनायक (19), श्याम कुमार (20), आदित्य कुमार (25), ऋषि कुमार (20) और समीर वाल्मिकी (20) शामिल हैं। छठे आरोपी को पुलिस ने धनबाद से धर दबोचा।
विवाद की वजह : नशे में प्रदर्शन और अभिषेक का विरोध
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने जो खुलासा किया वह डराने वाला है। 29 मार्च की देर रात जब गड़ी खाना क्लब का जुलूस झंडा चौक से गुजर रहा था, तब आरोपी नशे की हालत में तलवारों और लाठियों का प्रदर्शन कर रहे थे। अभिषेक कुमार ने उन्हें इस तरह जुलूस में घुसने और उपद्रव करने से रोका। बस यही बात आरोपियों को नागवार गुजरी। आवेश में आकर उन्होंने अभिषेक पर तलवार और चाइनीज चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में अभिषेक की मौके पर ही मौत हो गई।
हथियार बरामद, पुलिस की पीठ थपथपाई
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई एक तलवार और दो धारदार चाइनीज चाकू बरामद किए हैं। इस पूरे मामले को सुलझाने में लोहसिंगना थाना प्रभारी सत्यम गुप्ता और तकनीकी शाखा की टीम की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। हजारीबाग पुलिस की इस कार्रवाई से जहां मृतक के परिजनों को न्याय की उम्मीद जगी है, वहीं शहरवासियों ने भी राहत की सांस ली है। पुलिस अब इन सभी आरोपियों को जेल भेजकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है।

