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रेल हादसों में जान बचाने का गुर सीखेंगे चालक, 257 लोको पायलटों को विशेष प्रशिक्षण

Jamshedpur news: टाटानगर रेल सिविल डिफेंस टीम की ओर से शुक्रवार को इलेक्ट्रिक लोको पायलट प्रशिक्षण केंद्र में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य लोको पायलटों को आपदा राहत कार्यों, प्राथमिक उपचार, घायलों के सुरक्षित परिवहन, नैतिक दायित्वों तथा

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Jamshedpur news: टाटानगर रेल सिविल डिफेंस टीम की ओर से शुक्रवार को इलेक्ट्रिक लोको पायलट प्रशिक्षण केंद्र में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य लोको पायलटों को आपदा राहत कार्यों, प्राथमिक उपचार, घायलों के सुरक्षित परिवहन, नैतिक दायित्वों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी प्रबंधन के प्रति जागरूक और दक्ष बनाना था।

प्रशिक्षण केंद्र के सभागार में आयोजित सत्र के दौरान पावर पॉइंट प्रोजेक्टर के माध्यम से दुर्घटना स्थल पर उपलब्ध संसाधनों के अभाव में घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की विभिन्न तकनीकों की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को इम्प्रोवाइज्ड स्ट्रेचर, ब्लैंकेट लिफ्ट, मानव बैसाखी, फायरमैन लिफ्ट, बो-लाइन ड्रैग, टो ड्रैग, ब्लैंकेट ड्रैग तथा दो, तीन और चार व्यक्तियों की सहायता से बनाए जाने वाले अस्थायी सीटों के जरिए घायलों को स्थानांतरित करने की विधियों का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही इन तकनीकों का मॉक ड्रिल के माध्यम से व्यावहारिक प्रदर्शन भी कराया गया।

सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने प्रशिक्षण के दौरान कहा कि किसी भी दुर्घटना या आपदा की स्थिति में प्रथम रिस्पांडर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि समय पर दिया गया प्राथमिक उपचार कई बार गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की जान बचा सकता है। उन्होंने लोको पायलटों से आपदा के समय ईमानदारी, संवेदनशीलता और नैतिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि दुर्घटना स्थलों से यात्रियों के सामान गायब होने जैसी शिकायतें सामने आती हैं, इसलिए राहत एवं बचाव कार्य में लगे कर्मियों को उच्च नैतिक मूल्यों का पालन करना चाहिए।

संतोष कुमार ने बताया कि उपकरणों की कमी होने पर भी यदि बचाव दल प्रशिक्षित और सतर्क हो तो अपने कौशल और सूझबूझ से अनेक लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने आपदा प्रबंधन में त्वरित निर्णय और संसाधनों के बेहतर उपयोग के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में दक्षिण पूर्व रेलवे के रांची, आद्रा, खड़गपुर, चक्रधरपुर, डोंगापोसी, राउरकेला, झारसुगुड़ा और बोकारो सहित विभिन्न मंडलों के कुल 257 लोको पायलटों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के व्यावहारिक सत्र का संचालन डेमोंस्ट्रेटर शंकर कुमार प्रसाद ने किया, जिन्होंने विभिन्न राहत एवं बचाव तकनीकों का प्रदर्शन कर प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया।

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