रांची: राजधानी रांची का प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान, झारखंड राय विश्वविद्यालय (JRU), अपने शैक्षणिक सफर का एक और स्वर्णिम अध्याय लिखने के लिए तैयार है। आगामी 25 फरवरी, 2026 को विश्वविद्यालय का छठा दीक्षांत समारोह भव्य स्तर पर आयोजित किया जाएगा। यह दिन उन सैकड़ों छात्र-छात्राओं के लिए यादगार साबित होने वाला है, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से अपनी शैक्षणिक यात्रा पूरी की है।
डिग्रियों का वितरण और मेधावियों का सम्मान
इस वर्ष के दीक्षांत समारोह की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि कुल 494 छात्रों को उनकी स्नातक, स्नातकोत्तर और अन्य पाठ्यक्रमों की डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 14 मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक (Gold Medal) से नवाजा जाएगा। इसके साथ ही, दो सबसे प्रतिभाशाली छात्रों को प्रतिष्ठित ‘कुलाधिपति पदक’ (Chancellor’s Medal) प्रदान किया जाएगा, जो विश्वविद्यालय का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है।
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स्नातकोत्तर (Postgraduate): 107 छात्र
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स्नातक (Undergraduate): 315 छात्र
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डिप्लोमा (Diploma): 61 छात्र
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पीएचडी (PhD): 11 शोधार्थी
शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रतीक
अब तक विश्वविद्यालय ने पांच सफल दीक्षांत समारोह आयोजित किए हैं, जिसने इसे रांची के अग्रणी शैक्षणिक केंद्रों में स्थापित किया है। यह छठा समारोह इसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने का काम करेगा। विश्वविद्यालय की कुलाधिपति प्रो. (डॉ.) सविता सेंगर ने इस अवसर पर अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह समारोह केवल डिग्रियां बांटने का मंच नहीं है, बल्कि छात्रों के जीवन की एक नई और चुनौतीपूर्ण यात्रा का प्रारंभिक द्वार है। उन्होंने विश्वास जताया कि यहाँ से प्राप्त शिक्षा छात्रों में वह आत्मविश्वास भरेगी, जिससे वे समाज में सार्थक बदलाव ला सकेंगे।
नई शिक्षा नीति (NEP 2020) और भविष्य की चुनौतियां
समारोह की तैयारियों के बीच, कुलपति प्रो. पीयूष रंजन ने बताया कि इस महत्वपूर्ण अवसर पर भारत और विदेशों से कई प्रख्यात शिक्षाविद और गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि झारखंड राय विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और अनुभवात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य छात्रों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें भारतीय मूल्यों और आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए ‘इंडस्ट्री रेडी’ बनाना है।
राष्ट्र निर्माण में योगदान
विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. अमृता मजूमदार ने भी छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इसे विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व का क्षण बताया। संस्थान का मानना है कि इसके पूर्व छात्र आज देश के बड़े संस्थानों में नेतृत्व कर रहे हैं और कई छात्र उद्यमी (Entrepreneurs) बनकर ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को सच करने में जुटे हैं। यह दीक्षांत समारोह उन सभी प्रयासों का उत्सव है जो व्यक्तिगत उन्नति के साथ-साथ राष्ट्र की प्रगति में सहायक होते हैं।



