रांची: न्याय अब केवल अदालतों के कमरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम जनता के दरवाजे तक पहुँच रहा है। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देशानुसार, रांची के चान्हो प्रखंड स्थित हुटार गांव में एक विशेष डोर-टू-डोर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति सजग बनाना था।

कार्यक्रम के दौरान पारा लीगल वॉलेंटियर्स (PLVs) ने ग्रामीणों को 14 मार्च को आयोजित होने वाली आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में विस्तार से बताया। ग्रामीणों को प्रेरित किया गया कि वे अपने पुराने विवादों और मुकदमों का निस्तारण निःशुल्क और सुलभ तरीके से मध्यस्थता के जरिए कराएं।

सामाजिक बुराइयों पर कड़ा प्रहार करते हुए स्वयंसेवकों ने डायन बिसाही जैसी कुप्रथाओं पर चर्चा की और स्पष्ट किया कि किसी को डायन कहना कानूनन अपराध है। इसके साथ ही बाल विवाह, बाल श्रम और बढ़ते नशे की प्रवृत्ति के खिलाफ युवाओं को आगाह किया गया। केवल कानूनी जानकारी ही नहीं, बल्कि जन-कल्याणकारी योजनाओं जैसे मंईयां सम्मान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, जॉब कार्ड, वृद्धा और विधवा पेंशन की जानकारी भी साझा की गई ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे।

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