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‘मुस्लिमों को पोलैंड में न आने दें’, सांसद के बयान से मचा विवाद

Warsaw: यूरोप में प्रवासियों और धार्मिक पहचान को लेकर सियासत गरमाने लगी है। पोलैंड के सांसद डोमिनिक तारचिंस्की के तीखे बयान ने इस बहस को और हवा दे दी है। फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देश भी प्रवासन के मुद्दे पर जूझ रहे हैं। अब धर्म,

पोलैंड में मुस्लिम प्रवासियों पर प्रतिबंध

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Warsaw: यूरोप में प्रवासियों और धार्मिक पहचान को लेकर सियासत गरमाने लगी है। पोलैंड के सांसद डोमिनिक तारचिंस्की के तीखे बयान ने इस बहस को और हवा दे दी है। फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देश भी प्रवासन के मुद्दे पर जूझ रहे हैं। अब धर्म, संस्कृति और प्रवासियों को लेकर यूरोप की राजनीति में टकराव बढ़ता दिख रहा है। उन्होंने पोलैंड में मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक लगाने और यूरोप में नई मस्जिदों के निर्माण को प्रतिबंधित करने की वकालत की। उनके बयानों को लेकर धार्मिक स्वतंत्रता, प्रवासन नीति और यूरोप की सांस्कृतिक पहचान पर बहस छिड़ गई है।

इस्लाम और पश्चिमी मूल्यों को लेकर क्या बोले तारचिंस्की?

डोमिनिक तारचिंस्की ने कहा कि इस्लाम पश्चिमी मूल्यों के अनुकूल नहीं है और वह पोलैंड में मुस्लिम प्रवासियों को नहीं देखना चाहते। जब उनसे फ्रांस जैसे यूरोपीय देशों में मुस्लिम प्रवासियों को प्रवेश देने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने वहां के हालात बिगड़ने की बात कही। इंग्लैंड को लेकर भी उन्होंने इसी तरह का सख्त रुख जाहिर किया।

उनके बयानों से यूरोप में प्रवासन को लेकर उनकी कठोर राजनीतिक नीति सामने आई। हालांकि, किसी पूरे धार्मिक समुदाय को एक ही नजरिये से देखना और उसके प्रवेश पर सामूहिक प्रतिबंध लगाने की मांग करना धार्मिक स्वतंत्रता और समान अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

मस्जिदों पर रोक के लिए कतर का दिया हवाला

तारचिंस्की ने यूरोप में नई मस्जिदों के निर्माण पर रोक लगाने की मांग के समर्थन में कतर का उदाहरण दिया। उन्होंने दावा किया कि कतर में ईसाई धार्मिक स्थलों के निर्माण और पूजा की स्वतंत्रता पर पाबंदियां हैं। उनका तर्क था कि जब तक कतर में ईसाइयों को चर्च और कैथेड्रल बनाने की अनुमति नहीं मिलती, तब तक यूरोप में भी मस्जिदों का निर्माण नहीं होना चाहिए।

उनकी इस दलील को लेकर धार्मिक स्वतंत्रता और दूसरे देशों की नीतियों के आधार पर यूरोप में धार्मिक स्थलों के निर्माण को सीमित करने के सवाल पर बहस हो सकती है। हालांकि, कतर में धार्मिक स्थलों को लेकर किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

पहले भी मुस्लिम प्रवासन के खिलाफ दे चुके हैं बयान

डोमिनिक तारचिंस्की लंबे समय से यूरोप में मुस्लिम प्रवासन के मुखर विरोधी रहे हैं। खबर के अनुसार, वर्ष 2018 में उन्होंने कहा था कि पोलैंड ने ‘शून्य अवैध मुस्लिम प्रवासियों’ को स्वीकार किया है।

उनका जुड़ाव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राजनीतिक आंदोलन और ब्रिटेन के दक्षिणपंथी कार्यकर्ता टॉमी रॉबिन्सन से भी बताया जाता है। पिछले साल तारचिंस्की ने लंदन में आयोजित ‘यूनाइट द किंगडम’ रैली में रॉबिन्सन के साथ मार्च किया था। खबर के मुताबिक, इस रैली में एक लाख से अधिक लोग शामिल हुए थे।

यूरोप की पहचान और प्रवासन पर सख्त रुख

रैली के दौरान तारचिंस्की ने प्रवासियों को वापस भेजने के समर्थन में नारे लगवाए और यूरोप में प्रवासन को लेकर सख्त नीति अपनाने की अपील की। उन्होंने परिवार, बच्चों और देश की रक्षा के लिए कड़ा रुख अपनाने तथा यूरोप की ईसाई पहचान, संस्कृति और विरासत को फिर से मजबूत करने की बात कही।

उनके विचार यूरोप में प्रवासन, राष्ट्रीय पहचान और धार्मिक विविधता को लेकर चल रही राजनीतिक बहस का हिस्सा हैं। इस बहस में एक ओर सीमा नियंत्रण और सांस्कृतिक पहचान का मुद्दा उठाया जाता है, तो दूसरी ओर धार्मिक स्वतंत्रता, समान अधिकारों और प्रवासियों के साथ भेदभाव न करने की जरूरत पर जोर दिया जाता है।

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