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डीजल-बिजली की छुट्टी! अप्रैल से पटरी पर उतरेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन

New Delhi: भारतीय रेलवे के इतिहास में एक ऐसा अध्याय जुड़ने जा रहा है, जिसे सुनकर आप चौंक सकते हैं। अब तक आपने कोयले, डीजल और बिजली से चलने वाली ट्रेनें देखी होंगी, लेकिन अब भारत में ट्रेन ‘पानी’ (हाइड्रोजन) से चलेगी। जी हां, यह

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New Delhi: भारतीय रेलवे के इतिहास में एक ऐसा अध्याय जुड़ने जा रहा है, जिसे सुनकर आप चौंक सकते हैं। अब तक आपने कोयले, डीजल और बिजली से चलने वाली ट्रेनें देखी होंगी, लेकिन अब भारत में ट्रेन ‘पानी’ (हाइड्रोजन) से चलेगी। जी हां, यह कोई सपना नहीं बल्कि हकीकत है। रेल मंत्रालय के उच्च अधिकारियों के मुताबिक, अप्रैल 2026 से देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन पटरी पर दौड़ने के लिए तैयार है। संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस ऐतिहासिक ट्रेन का उद्घाटन करेंगे।

हरियाणा के जींद-पानीपत रूट पर होगा पहला सफर

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अत्याधुनिक ट्रेन का पहला रूट हरियाणा के जींद से पानीपत के बीच तय किया गया है। यह ट्रेन लगभग 90 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। तकनीक की बात करें तो इसके इंजन में एक चक्कर के लिए 360 किलोग्राम हाइड्रोजन भरी जाएगी। खास बात यह है कि इसे चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में एक डीजल इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट को कन्वर्ट करके बनाया गया है, जिसमें 1200 HP की जबरदस्त पावर है।

2030 तक ‘जीरो कार्बन’ का लक्ष्य

भारतीय रेलवे ने साल 2030 तक खुद को ‘नेट जीरो कार्बन’ उत्सर्जक बनाने का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में हाइड्रोजन फ्यूल सेल को एक बड़े गेम-चेंजर के रूप में देखा जा रहा है। सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 1,500 करोड़ रुपए से ज्यादा का बजट आवंटित किया है। रेलवे की योजना ‘हाइड्रोजन हेरिटेज’ के तहत ऐसी 35 ट्रेनें चलाने की है। प्रति ट्रेन की लागत करीब 80 करोड़ रुपए आंकी गई है, जबकि इसके इंफ्रास्ट्रक्चर पर 70 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत पर जोर

हाइड्रोजन की सुरक्षा को लेकर ग्लोबल एजेंसियों से हरी झंडी मिल चुकी है। सेल के डिजाइन और हाइड्रोजन प्लांट को भी अप्रूवल मिल गया है। भारत अब लोकल हाइड्रोजन प्रोडक्शन पर फोकस कर रहा है, जिससे ईंधन सस्ता होगा और देश आत्मनिर्भर बनेगा। ये ट्रेनें शुरुआत में हेरिटेज और पहाड़ी रूटों पर चलाई जाएंगी, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा।

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