Jamshedpur News: जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने शनिवार को धनबाद के कोयला माफिया नेटवर्क को लेकर बड़ा बयान दिया। उनका कहना है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) आर्थिक अनियमितताओं पर कार्रवाई तो कर सकती है, लेकिन पूरे नेटवर्क को खत्म करना उसके अकेले के बस की बात नहीं है। राय के मुताबिक कोयला माफिया को राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर का खुला संरक्षण मिला हुआ है, जो इस पूरे तंत्र को और मजबूत बनाता है।

“राजनीतिक दखल ने बनाया सिस्टम कमजोर”

सरयू राय ने आरोप लगाया कि धनबाद का कोयला माफिया सीधे केंद्र और राज्य सरकारों की प्रभावशाली व्यवस्थाओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इनके इशारों पर काम करता है और कई राजनीतिक पदाधिकारी इन माफियाओं की गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल हैं। उन्होंने बताया कि विधानसभा में जब भी उनसे जुड़े सवाल उठाए जाते हैं, विभागीय जवाब अक्सर माफिया के हितों की रक्षा करते नजर आते हैं।

राय ने यह भी कहा कि जिन किरदारों पर ईडी छापेमारी करती है, वे बाद में पूरे पेज के विज्ञापन देकर राजनीतिक दलों से अपने संबंध सार्वजनिक करते हैं और कई बार चुनाव लड़ने का ऐलान भी कर देते हैं। इससे साफ है कि उनका नेटवर्क कितना मजबूत और प्रभावशाली है।

“बीसीसीएल के अधिकारियों की मिलीभगत भी गहरी”

बीसीसीएल को केंद्र सरकार का उपक्रम बताते हुए राय ने कहा कि इसके कई वरीय अधिकारी भी कोयला माफिया से मिलीभगत रखते हैं। राजनीतिक संरक्षण मिलने के कारण माफिया की पकड़ और भी मजबूत हो जाती है, जिससे उनके खिलाफ कार्रवाई करना मुश्किल हो जाता है। राय ने साफ कहा कि अगर वास्तव में कोयला माफिया को खत्म करना है, तो सिर्फ ईडी नहीं, बल्कि केंद्र और राज्य सरकारों की प्रशासनिक इकाइयों को मिलकर एक एसआईटी बनानी होगी। तभी अवैध खनन क्षेत्र में ठोस कार्रवाई संभव हो सकेगी।

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