Jamshedpur : शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के खिलाफ झारखंड मानवाधिकार सम्मेलन (जेएचआरसी) समेत विभिन्न सामाजिक संस्थाएं 12 सितंबर को साकची गोलचक्कर पर एकदिवसीय अनशन करेंगी। इस दौरान आम नागरिकों को अपराध के खिलाफ एकजुट करने के उद्देश्य से हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जाएगा। जेएचआरसी ने शहरवासियों से बड़ी संख्या में अनशन स्थल पर पहुंचकर अभियान को समर्थन देने की अपील की है।
भुईयाडीह में गुरुवार को जेएचआरसी की बैठक केंद्रीय अध्यक्ष मनोज मिश्रा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में अनशन और हस्ताक्षर अभियान की तैयारियों पर चर्चा की गई। मनोज मिश्रा ने कहा कि जमशेदपुर लंबे समय से शांतिप्रिय और अमन-पसंद शहर के रूप में जाना जाता है, लेकिन हाल के दिनों में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं से लोगों में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, जबकि अपराधियों के हौसले बढ़ते दिखाई दे रहे हैं।
मनोज मिश्रा ने कहा कि शहर में महिलाओं से चेन छिनतई, चापड़बाजी, चोरी, लूट, छेड़खानी, दुष्कर्म, डकैती और हत्या जैसी घटनाएं चिंता का विषय हैं। उनका कहना है कि किसी वारदात के बाद पुलिस कार्रवाई तो होती है, लेकिन अपराध पर स्थायी रोक लगाने के लिए प्रभावी पुलिसिंग और अपराधियों में कानून का भय पैदा करना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराध पर अंकुश लगाने वाली प्रभावी पुलिसिंग का असर जमीन पर पर्याप्त रूप से दिखाई नहीं दे रहा है।
जेएचआरसी अध्यक्ष ने कहा कि अब आम नागरिकों को शहर की शांति और सुरक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने की जरूरत है। 12 सितंबर का अनशन इसी जनआवाज को मजबूती देने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य जमशेदपुर को भयमुक्त, अपराधमुक्त और खुशहाल शहर बनाने की दिशा में जनसमर्थन जुटाना है। अनशन स्थल पर होने वाला हस्ताक्षर अभियान भी इसी मुहिम का हिस्सा होगा।
उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे 12 सितंबर को साकची गोलचक्कर पहुंचकर अनशन और हस्ताक्षर अभियान में भाग लें तथा अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को अपना समर्थन दें। बैठक में सलावत महतो, किशोर वर्मा, रेणु सिंह, अभिजीत चंदा, एसके बसु, ऋषि गुप्ता, गुरुमुख सिंह, संतोष कुमार, शिशिर डे, डीएन शर्मा, निभा शुक्ला, अनीमा दास, देवाशीष दास, आरसी प्रधान, श्यामलाल और जगन्नाथ मोहंती समेत जेएचआरसी के कई सदस्य उपस्थित थे।




