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झारखंड में मॉब लिंचिंग पर कानून बनाने की मांग तेज, अब्दुल कलाम की मौत के बाद ग्रामीणों में आक्रोश

Bokaro News: झारखंड के बोकारो जिला अंतर्गत पेंक गांव में 8 मई को हुई मॉब लिंचिंग की घटना में अब्दुल कलाम नामक व्यक्ति की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद इलाके में गंभीर आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन

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Bokaro News: झारखंड के बोकारो जिला अंतर्गत पेंक गांव में 8 मई को हुई मॉब लिंचिंग की घटना में अब्दुल कलाम नामक व्यक्ति की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद इलाके में गंभीर आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो एक निर्दोष जान बचाई जा सकती थी।

इस घटना ने झारखंड में मॉब लिंचिंग के खिलाफ एक ठोस और सख्त कानून की आवश्यकता को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। झारखंड कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष मंजूर अंसारी ने इस मामले पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि राज्य में बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं यह दर्शाती हैं कि अभी तक प्रभावी कानूनी प्रावधान नहीं हैं, जो ऐसे अपराधों को रोक सकें।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि झारखंड में मॉब लिंचिंग पर जल्द से जल्द कानून बनाया जाना चाहिए ताकि भविष्य में कोई और अब्दुल कलाम ऐसी हिंसा का शिकार न हो। उन्होंने उन विधायकों पर सवाल उठाया जो मुस्लिम समुदाय के वोट लेकर विधानसभा पहुँचते हैं लेकिन इस तरह की घटनाओं पर चुप रहते हैं। मंजूर अंसारी ने चेतावनी दी कि अगर इन नेताओं ने मॉब लिंचिंग के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो मुस्लिम समुदाय उनका विरोध करना शुरू कर देगा।

ग्रामीणों ने इस घटना के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तरह से भीड़ ने कानून हाथ में लिया और एक व्यक्ति की जान चली गई, वह राज्य में कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

यह घटना झारखंड सरकार और पुलिस प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि भीड़ द्वारा हिंसा की घटनाओं को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसे रोकने के लिए संवेदनशील और सख्त कदम उठाने होंगे, ताकि राज्य में सभी नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।

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