रांची : झारखंड तंजीम का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को अध्यक्ष शमशेर आलम के नेतृत्व में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत चल रही मतदाता सूची प्रक्रिया को लेकर मांग पत्र सौंपा।
तंजीम ने कहा कि SIR के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के सत्यापन और दावा-आपत्ति की प्रक्रिया चल रही है। संगठन ने 63.24 लाख मतदाताओं के सत्यापन से जुड़ी प्रक्रिया के लिए समय सीमा बढ़ाने की मांग की।
संगठन के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं का सत्यापन निर्धारित समय में पूरा करना मुश्किल है। इसलिए तंजीम ने प्रक्रिया को सरल बनाने और अतिरिक्त समय देने की मांग की है। निर्वाचन आयोग की समय-सारणी के अनुसार झारखंड में दावा-आपत्ति के निपटारे की अवधि 3 अक्टूबर तक और अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है।
मुलाकात के बाद शमशेर आलम ने बताया कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि समय सीमा बढ़ाने और SIR प्रक्रिया को सरल बनाने पर विचार किया जाएगा। साथ ही वास्तविक मतदाताओं के नाम नहीं काटे जाने का भरोसा भी दिया गया है।
तंजीम ने SIR प्रक्रिया के दौरान अल्पसंख्यक मतदाताओं को लेकर भी चिंता जताई। शमशेर आलम ने पड़ोसी राज्य में SIR के दौरान सामने आए अनुभवों का हवाला देते हुए कहा कि विदेशी नागरिक के नाम पर किसी अल्पसंख्यक को परेशान किया गया तो संगठन इसका विरोध करेगा।
प्रतिनिधिमंडल में फहीम अहमद, सरवर आलम, महबूब आलम, तनवीर गद्दी और अब्दुल रहमान शामिल थे।




