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डीसी प्रेरणा दीक्षित ने जनवरी 2026 तक विशेष मॉनिटरिंग के निर्देश दिए, कमजोर छात्रों के लिए रेमेडियल क्लास और 10 जनवरी को विशेष मॉक टेस्ट अनिवार्य
गुमला जिला प्रशासन ने बोर्ड परीक्षा 2026 की तैयारी को लेकर पूरी तरह मोर्चा संभाल लिया है। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित खुद समीक्षा और निगरानी में जुट गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जिला प्रशासन का लक्ष्य शत-प्रतिशत उत्तीर्णता सुनिश्चित करना है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी निर्देश के तहत डीसी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो और जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां के साथ लगभग दस उच्च एवं प्लस टू विद्यालयों की ऑडियो-वीडियो मॉनिटरिंग की।
मॉनिटरिंग के दौरान डीसी ने प्रधानाध्यापकों से संवाद कर पढ़ाई की स्थिति, शिक्षकों की उपस्थिति और बच्चों की प्रगति पर विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि कमजोर छात्रों के लिए अनिवार्य रूप से रेमेडियल क्लास चलाए जाएं। साथ ही 10 जनवरी को प्रस्तावित विशेष मॉक टेस्ट की तैयारी पूरी करने और जिला कोर टीम द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे मॉडल प्रश्नों का नियमित अभ्यास कराने को कहा।
जिले की समीक्षा में तीन विद्यालयों—सिसई प्रखंड के प्लस टू उच्च विद्यालय कार्तिक छारदा, पालकोट के उच्च विद्यालय झीकिरमा और घाघरा के उच्च विद्यालय ईचा—की तैयारी असंतोषजनक पाई गई। इस पर उपायुक्त ने संबंधित स्कूलों का वेतन रोकने का आदेश जारी किया। वहीं सिसई के संत तुलसीदास विद्यालय और बिशुनपुर के प्लस टू उच्च विद्यालय की तैयारी संतोषजनक मिली, जिसे और बेहतर बनाने के सुझाव दिए गए।
डीसी ने डीईओ, डीएसई और जिला कोर टीम को नियमित वीडियो मॉनिटरिंग जारी रखने तथा वरीय अधिकारियों द्वारा स्कूलों की टैगिंग के माध्यम से उपस्थिति, अध्ययन, अभिभावक संपर्क और काउंसलिंग को मजबूत करने का निर्देश दिया है।

