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जमशेदपुर में बाढ़ का खतरा गहराया, उफनती नदियों ने बढ़ाई चिंता

Jamshedpur news: लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और ओडिशा के बैंगबील डैम के दो फाटक खोले जाने के बाद जमशेदपुर में बाढ़ का संकट गंभीर होता जा रहा है। शहर की प्रमुख सुवर्णरेखा और खरकई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से नदी किनारे और

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Jamshedpur news: लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और ओडिशा के बैंगबील डैम के दो फाटक खोले जाने के बाद जमशेदपुर में बाढ़ का संकट गंभीर होता जा रहा है। शहर की प्रमुख सुवर्णरेखा और खरकई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कई स्थानों पर पानी घरों में प्रवेश कर चुका है, जबकि बागबेड़ा नया बस्ती समेत कई इलाकों में लोग पूरी रात जागकर अपने परिवार और सामान को सुरक्षित करने में जुटे रहे।

बैंगबील डैम से पानी छोड़े जाने का असर खरकई नदी पर भी दिखाई दे रहा है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के कारण खरकई के आसपास बसे बागबेड़ा, नया बस्ती, कदमा और सोनारी के निचले हिस्सों में पानी का दबाव बढ़ गया है। दूसरी ओर सुवर्णरेखा नदी के बढ़ते जलस्तर ने मानगो, नदी किनारे के इलाकों और अन्य निचले क्षेत्रों में चिंता बढ़ा दी है। लगातार बारिश के कारण दोनों नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है।

बागबेड़ा नया बस्ती में गुरुवार रात स्थिति अचानक बिगड़ गई। नाले के किनारे बसे करीब 28 से 30 घरों में पानी घुस गया, जबकि पूरे बागबेड़ा नया बस्ती क्षेत्र के लगभग 300 घरों के प्रभावित होने की बात स्थानीय लोगों ने कही है। पानी बढ़ने के बाद लोग घरों से सामान निकालकर ऊंचे स्थानों पर रखने लगे। बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए भी स्थानीय लोग एक-दूसरे की मदद करते रहे।

भाजपा नेता सुबोध झा ने कहा कि बैंगबील डैम के फाटक खुलने और लगातार बारिश के कारण बागबेड़ा में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। कई घरों में पानी घुस चुका है और लोग रातभर जागकर अपने परिवार व सामान की सुरक्षा में लगे रहे। प्रशासन को प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत और सुरक्षित स्थान की व्यवस्था करनी चाहिए।

स्थानीय निवासी सज्जाद ने बताया कि रात में पानी तेजी से बढ़ने के कारण लोगों में काफी डर था। कई परिवारों ने घरों का सामान ऊंची जगहों पर रखा और पूरी रात पानी के कम होने का इंतजार करते रहे। यदि बारिश जारी रही तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

इधर जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तत्काल ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी है। राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रशासनिक टीमें जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत के अनुसार प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। सामाजिक संस्थाओं और स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में सहयोग शुरू कर दिया है।

शहर में सुवर्णरेखा और खरकई दोनों नदियों के उफान पर होने तथा लगातार बारिश जारी रहने से आने वाले घंटों में स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।

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