रांची: राजधानी रांची के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों में शुमार मेन रोड स्थित ‘एस-के- सहाय डेली मार्केट’ का जल्द ही कायाकल्प होने जा रहा है। इस बाज़ार क्षेत्र को आधुनिक, सुव्यवस्थित और जनउपयोगी स्वरूप देने के उद्देश्य से रांची नगर निगम ने मास्टर प्लान पर काम शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में 13 अगस्त 2026 को नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में मार्केट के आवंटनधारियों (दुकानदारों) के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुनर्विकास (Redevelopment) योजना पर विस्तार से चर्चा हुई।
1.17 एकड़ में फैला है बाज़ार, 290 से अधिक दुकानें संचालित
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि एस-के- सहाय डेली मार्केट लगभग 1.17 एकड़ की बहुमूल्य भूमि पर फैला हुआ है। वर्तमान में यहाँ रांची नगर निगम के स्वामित्व की लगभग 66 दुकानें और आरआरआरडीए (RRRDA) से संबंधित 226 दुकानें संचालित हो रही हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बाज़ार का वर्तमान ढांचा और नागरिक सुविधाएँ काफी पुरानी हो चुकी हैं। समय के साथ शहर की आबादी और व्यावसायिक दबाव कई गुना बढ़ चुका है, जिसके कारण ट्रैफिक जाम, पार्किंग की किल्लत और अव्यवस्था जैसी गंभीर समस्याएँ पैदा हो रही हैं। इसलिए इस ऐतिहासिक व्यावसायिक स्थल का योजनाबद्ध तरीके से पुनर्विकास करना समय की सबसे बड़ी मांग बन गया है।
पुनर्विकास का मुख्य उद्देश्य: व्यापारियों और ग्राहकों को मिलेगी विश्वस्तरीय सुविधा
नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पुनर्विकास परियोजना का मुख्य ध्येय इस पूरे बाज़ार क्षेत्र को एक आधुनिक और व्यवस्थित कमर्शियल हब के रूप में विकसित करना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना के माध्यम से केवल दुकानदारों को बेहतर व्यावसायिक माहौल ही नहीं मिलेगा, बल्कि आम जनता के लिए पार्किंग, सुगम यातायात और आधुनिक नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। इससे मेन रोड पर लगने वाले रोज़ाना के जाम से भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
दुकानदारों से सीधा संवाद, मूल दस्तावेजों की सुरक्षा की अपील
बैठक के दौरान नगर आयुक्त ने उपस्थित सभी दुकान संचालकों से सीधा संवाद किया और उनकी दुकानों के आवंटन से संबंधित आवश्यक जानकारियों का जायज़ा लिया। इसमें पूर्व में दिए गए आवंटन की अवधि, दुकानों की वर्तमान स्थिति, लीज़ डीड, मूल वैधानिक दस्तावेज और अन्य संबंधित अभिलेखों (Records) के बारे में जानकारी एकत्र की गई।
नगर आयुक्त ने सभी वर्तमान दुकान संचालकों से अपील की कि वे अपने पूर्व आवंटन से जुड़े सभी मूल (Original) और कानूनी दस्तावेजों को पूरी तरह सुरक्षित रखें। जब भी नगर निगम या संबंधित प्राधिकरण द्वारा इन कागजातों की मांग की जाए, तो उन्हें प्रस्तुत करें। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि प्रस्तावित नई आवंटन प्रक्रिया में पूर्व आवंटन से जुड़े वैध मूल दस्तावेज ही सबसे महत्वपूर्ण आधार माने जाएंगे।
पात्र दुकानदारों को नई प्रक्रिया में मिलेगी प्राथमिकता
दुकानदारों की आशंकाओं को दूर करते हुए नगर आयुक्त ने आश्वस्त किया कि पुनर्विकास के बाद दुकानों के पुनर्वंटन की प्रक्रिया और शर्तें नियमानुसार पूरी पारदर्शिता के साथ तय की जाएंगी।
- सभी दुकानों के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत पारदर्शी दरें (Rates) तय होंगी।
- पूर्व में आवंटित दुकानों के वर्तमान संचालकों द्वारा प्रस्तुत मूल दस्तावेजों का नियमपूर्वक भौतिक और कानूनी सत्यापन (Verification) किया जाएगा।
- जांच के दौरान जो दुकानदार निर्धारित मानकों के अनुरूप पात्र (Eligible) पाए जाएंगे, उन्हें नई आवंटन प्रक्रिया में प्राथमिकता देने पर नियमानुसार सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।
उन्होंने दोहराया कि इस पूरी पुनर्विकास प्रक्रिया में निष्पक्षता, पारदर्शिता और सरकारी नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाएगा। आगामी चरणों में दुकानों की संख्या, आकार, श्रेणी, दर निर्धारण, बंदोबस्ती और आवंटन की शर्तों पर सक्षम स्तर से अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस उच्चस्तरीय बैठक में आरआरआरडीए के भू-संपदा पदाधिकारी पुष्पक रजक, आरआरआरडीए के सचिव उदय कुमार, सहायक नगर आयुक्त राहुल कुमार सहित रांची नगर निगम और आरआरआरडीए के कई अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




