फॉण्ट कनवर्टर NEW

गलत शपथ पत्र पर CUJ रजिस्ट्रार ने मांगी माफी, कोर्ट ने कहा सीट खाली रखना संसाधनों की बर्बादी

रांची: झारखंड उच्च न्यायालय ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड (CUJ) के पीएचडी नामांकन विवाद में छात्र के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है। गुरुवार को न्यायमूर्ति राजेश कुमार की अदालत में सीयूजे के रजिस्ट्रार व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। रजिस्ट्रार ने कोर्ट को गुमराह करने

हाईकोर्ट
हाईकोर्ट

अपनी भाषा में पढ़ें

रांची: झारखंड उच्च न्यायालय ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड (CUJ) के पीएचडी नामांकन विवाद में छात्र के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है। गुरुवार को न्यायमूर्ति राजेश कुमार की अदालत में सीयूजे के रजिस्ट्रार व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। रजिस्ट्रार ने कोर्ट को गुमराह करने वाले गलत शपथ पत्र के लिए बिना शर्त माफी मांगी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार तो कर लिया, लेकिन भविष्य के लिए कड़ी नसीहत भी दी।

अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि “किसी भी शैक्षणिक संस्थान में सीट खाली रखना प्राकृतिक संसाधनों (Natural Resources) की बर्बादी है।” कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि योग्य और मेधावी छात्र उपलब्ध हैं, तो सीटों को रिक्त रखकर अगले सत्र के लिए कैरी फॉरवर्ड नहीं किया जा सकता।

क्या था पूरा मामला

प्रार्थी अमित कुमार चौबे ने इंटरनेशनल रिलेशंस विभाग में वर्ष 2023-24 सत्र के लिए पीएचडी प्रवेश नीति को चुनौती दी थी। यूनिवर्सिटी ने पहले दावा किया था कि ओबीसी की खाली सीटें सामान्य वर्ग को नहीं दी जा सकतीं। प्रार्थी के अधिवक्ता अफसर रजा ने दलीलों में उच्चतम न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए साबित किया कि सीटों का ऐसा कैरी फॉरवर्ड गलत है।

अदालत ने रजिस्ट्रार को निर्देश दिया कि तीन सप्ताह के भीतर प्रार्थी अमित कुमार चौबे का नामांकन इंटरनेशनल रिलेशंस विभाग में सुनिश्चित किया जाए। इस आदेश के साथ ही अदालत ने याचिका को निष्पादित कर दिया।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram