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दिल्ली से छोटा ये देश…लेकिन एजुकेशन में दिग्गज, जानें सिंगापुर का राज़

World News: हायर एजुकेशन की बात आती है तो भारतीय छात्र सबसे पहले अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों का नाम लेते हैं। वर्ल्ड-क्लास यूनिवर्सिटी, अंग्रेजी में पढ़ाई, शानदार जॉब्स और भारतीय समुदाय की मौजूदगी, इन कारणों से ये देश स्टूडेंट्स की पहली पसंद

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World News: हायर एजुकेशन की बात आती है तो भारतीय छात्र सबसे पहले अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों का नाम लेते हैं। वर्ल्ड-क्लास यूनिवर्सिटी, अंग्रेजी में पढ़ाई, शानदार जॉब्स और भारतीय समुदाय की मौजूदगी, इन कारणों से ये देश स्टूडेंट्स की पहली पसंद बनते हैं। लेकिन इसके अलावा भी कुछ देश हैं, जो पढ़ाई के मामले में दुनिया की टॉप लिस्ट में आते हैं। इनमें सबसे खास नाम है सिंगापुर।

दिल्ली से दोगुना छोटा यह देश, सिर्फ 736 स्क्वायर किलोमीटर में फैला है, जबकि दिल्ली का आकार 1,484 स्क्वायर किलोमीटर है। इसके बावजूद सिंगापुर एशिया का हाई-टेक और अमीर देशों में गिना जाता है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुसार, यहां की प्रति व्यक्ति आय करीब 82 लाख रुपये सालाना है। वहीं औसत मजदूरी लगभग 3.78 लाख रुपये महीना बताई जाती है।

एजुकेशन की बात करें तो सिंगापुर में कुल 34 यूनिवर्सिटी हैं, जिनमें से 6 को नेशनल लेवल यूनिवर्सिटी का दर्जा मिला है। इनमें सबसे मशहूर हैं नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (NUS) और नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (NTU)। दोनों ही यूनिवर्सिटी लगातार वर्ल्ड रैंकिंग में जगह बनाती हैं। इसके अलावा, सिंगापुर मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी और सिंगापुर यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड डिजाइन भी ग्लोबल रैंकिंग में शामिल हैं।

अब सवाल यह है कि यहां पढ़ाई का खर्च कितना है? रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैचलर कोर्स के लिए आपको औसतन 12.50 लाख रुपये सालाना खर्च करने पड़ते हैं। NUS जैसी टॉप यूनिवर्सिटी में फीस लगभग 11 लाख रुपये सालाना है। वहीं, अगर आप मेडिसिन या डेंटिस्ट्री पढ़ते हैं तो यही फीस बढ़कर 32.50 लाख रुपये सालाना तक हो जाती है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि यहां कई स्कॉलरशिप भी मिलती हैं, जैसे कि सिंगापुर इंटरनेशनल ग्रेजुएट अवॉर्ड।

रहने और खाने के खर्च की बात करें तो यह भारत से काफी ज्यादा है। औसतन सालभर का खर्च करीब 7 लाख रुपये आता है, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा हाउस रेंट पर खर्च होता है। खाने का खर्च थोड़ा कम होता है।

सबसे खास बात यह है कि यहां भारतीयों की बड़ी आबादी रहती है। इसलिए पढ़ाई के दौरान स्टूडेंट्स को अपनापन और सपोर्ट सिस्टम भी मिलता है। यही कारण है कि सिंगापुर आज भारतीय छात्रों के लिए एक नया और बेहतर डेस्टिनेशन बनता जा रहा है।

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