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हिमाचल में बादलों का कहर: एक रात में उजड़ गए गांव, बह गए पुल और गाड़ियां

India News: हिमाचल प्रदेश में बीती रात बादलों ने भयंकर कहर बरपाया। कुल्लू, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और शिमला जिलों में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। कई पुल और वाहन तेज बहाव में बह गए, जबकि मकान, दुकानें और कृषि भूमि को भी गंभीर नुकसान

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India News: हिमाचल प्रदेश में बीती रात बादलों ने भयंकर कहर बरपाया। कुल्लू, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और शिमला जिलों में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। कई पुल और वाहन तेज बहाव में बह गए, जबकि मकान, दुकानें और कृषि भूमि को भी गंभीर नुकसान पहुंचा। राहत की बात यह है कि अब तक किसी जनहानि की खबर नहीं है। प्रशासन ने एहतियातन खतरे वाले इलाकों के ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया है।

मौसम विज्ञान विभाग ने आज चंबा, कांगड़ा और मंडी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुल्लू जिले के बंजार उपमंडल, मंडी के गोहर उपमंडल, शिमला के जुब्बल और ऊना जिले के सभी शिक्षण संस्थानों में आज छुट्टी घोषित की गई है।

कुल्लू में बादल फटने से तबाही

कुल्लू जिले के बंजार घाटी के बठाहड़ में कल शाम बादल फटने से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। टिल्ला और दोगड़ा पुलिया पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि पांच गाड़ियां बह गईं। चार कॉटेज भी बर्बाद हो गए। निरमंड उपमंडल में कुरपन खड्ड के उफान पर आने से बागी पुल बाजार खाली करवा लिया गया। तीर्थन घाटी और बागीपुल के पास खतरे वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है।

किन्नौर में पुल बहा, निर्माण कार्य ठप

किन्नौर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र ऋषि डोगरी घाटी में बादल फटने से सतलुज नदी पर बना पुल बह गया। इस घटना में एक व्यक्ति घायल हो गया। होजो लुंगपा नाले में बाढ़ आने से सीपीडब्ल्यूडी का सड़क निर्माण कार्य रुक गया है। पूह गांव की पेयजल योजना को नुकसान पहुंचा है, जबकि एक निजी कंपनी का परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया। सतलुज में जलस्तर और मलबा बढ़ने के कारण करछम वांगतु नाथपा बांध के गेट खोल दिए गए हैं। भारी बारिश से पागल नाला, नाथपा और निगुलसरी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया है।

लाहौल-स्पीति में गांव खाली कराए गए

लाहौल-स्पीति की मयाड़ घाटी में बादल फटने से करपट गांव खतरे की जद में आ गया। प्रशासन ने गांव के करीब दो दर्जन परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा है।

शिमला में पुल, मकान और दुकानें बहीं

शिमला जिले के रामपुर उपमंडल के पंद्रह बीस क्षेत्र की नंटी खड्ड में पहाड़ों पर बादल फटने से आई बाढ़ ने चार पुल, दो मकान, पांच दुकानें, दो शेड, सेब के बगीचे और कृषि भूमि बहा दी। सात मकानों, पांच दुकानों, सात शेड और एक छोटे बिजली प्रोजेक्ट को भी नुकसान हुआ है। खड्ड में एक एंबुलेंस और एचआरटीसी बस फंस गई है। तीन पंचायतों का संपर्क पूरी तरह कट चुका है।

प्रशासन का अलर्ट और अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों के पास न जाएं और अनावश्यक यात्रा से बचें। मौसम विभाग ने अगले 19 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे हालात और बिगड़ने की आशंका है।

प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे इन जिलों में राहत और बचाव कार्य जारी है। प्रशासन, पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें लगातार अलर्ट पर हैं और प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने का कार्य कर रही हैं।

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