Patna: भारत की न्यायिक और विधिक सेवा प्रणाली में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति श्री सूर्य कांत आगामी 26 सितंबर को पटना स्थित बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (BSLSA) परिसर में देश के पहले ‘पीड़ित अधिकार केंद्र’ (Victim Rights Centre) का औपचारिक उद्घाटन करेंगे।
यह केंद्र अपराध पीड़ितों को त्वरित कानूनी सहायता, परामर्श और पुनर्वास की एकमुश्त सुविधा प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया है। इसके साथ ही मुख्य न्यायाधीश समाज के हाशिए पर मौजूद वर्गों के कल्याण के लिए एक समर्पित ‘ट्रांसजेंडर हेल्पलाइन’ की शुरुआत करेंगे और सुदूर क्षेत्रों में विधिक जागरूकता व सहायता पहुंचाने के लिए मल्टी यूटिलिटी वाहनों के विशेष बेड़े को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम की धारा 12 के तहत पायलट प्रोजेक्ट
यह केंद्र बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार की एक अभिनव पायलट परियोजना है, जिसे विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकार के विधिक दायित्वों और कार्यों के प्रभावी निर्वहन के लिए स्थापित किया गया है। इस केंद्र की संपूर्ण परिकल्पना और इसे धरातल पर उतारने का कार्य पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं प्राधिकार के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव तथा पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं प्राधिकार के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुधीर सिंह के मार्गदर्शन में हुआ है। केंद्र के नीतिगत और प्रशासनिक संचालन के लिए पटना उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश की अध्यक्षता में संचालन समिति गठित की गई है, जिसके प्रथम अध्यक्ष के रूप में न्यायमूर्ति अजीत कुमार दायित्व संभाल रहे हैं।
ट्रांसजेंडर हेल्पलाइन: पुनर्वास, अधिकार और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ाव
पीड़ित अधिकार केंद्र के साथ शुरू की जा रही ट्रांसजेंडर हेल्पलाइन सीधे तौर पर ट्रांसजेंडर समुदाय के सशक्तिकरण से जुड़ी होगी। यह हेल्पलाइन ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा वर्ष 2023 में बनाई गई विशेष योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाएगी। यह केंद्र एक ‘सिंगल विंडो’ सेवा-प्रदाय बिंदु के रूप में काम करेगा, जहां ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को पहचान प्रमाण-पत्र बनवाने, गरिमापूर्ण आवास, स्वरोजगार के अवसर, स्वास्थ्य सुरक्षा और विभिन्न सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाने में विधिक एवं प्रशासनिक मदद मुहैया कराई जाएगी।
मल्टी यूटिलिटी वाहनों से ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचेगा न्याय
विधिक सहायता को केवल अदालतों और दफ्तरों तक सीमित न रखकर आम जनता की चौखट तक ले जाने के उद्देश्य से आधुनिक सुविधाओं से लैस मल्टी यूटिलिटी वाहनों के एक नए बेड़े को भी शुरू किया जा रहा है। इन वाहनों के जरिए दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में जागरूकता शिविर, कानूनी साक्षरता कार्यक्रम और पीड़ितों को मौके पर ही प्राथमिक विधिक सलाह उपलब्ध कराई जाएगी। 26 सितंबर का यह आयोजन बिहार को देश में पीड़ित-केंद्रित न्याय प्रणाली (Victim-Centric Justice) का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




