Close Menu
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Facebook X (Twitter) Instagram
Public AddaPublic Adda

  • Home
  • India
  • World
  • States
    • Jharkhand
    • Bihar
    • Uttar Pradesh
  • Politics
  • Sports
  • Social/Interesting
  • More Adda
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Home»States»Jharkhand»बीमा कंपनी को तगड़ा झटका: मेडिक्लेम देने से किया इनकार, अब भरना होगा जुर्माना
Jharkhand

बीमा कंपनी को तगड़ा झटका: मेडिक्लेम देने से किया इनकार, अब भरना होगा जुर्माना

चाईबासा उपभोक्ता आयोग ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी पर सेवा में कमी के लिए जुर्माना लगाया। ₹2.45 लाख के मेडिक्लेम के साथ मानसिक पीड़ा के लिए भी मुआवजा देने का आदेश।
By Samsul HaqueDecember 17, 20252 Mins Read
Facebook Twitter WhatsApp Threads Telegram
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Telegram WhatsApp Threads Copy Link

अपनी भाषा चुनेें :

बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...

Chaibasa News: अक्सर देखा जाता है कि बीमा कंपनियां प्रीमियम लेते वक्त तो बड़े-बड़े वादे करती हैं, लेकिन जब क्लेम देने की बारी आती है, तो नियम और शर्तों का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेती हैं। चाईबासा के जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने ऐसे ही एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए ‘नेशनल इंश्योरेंस कंपनी’ और उसकी टीपीए एजेंसी ‘सेफवे’ को कड़ी फटकार लगाई है। आयोग ने पीड़ित उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए इलाज का पूरा खर्च और हर्जाना देने का आदेश दिया है।

क्या था पूरा मामला: दिल्ली में इलाज, चाईबासा में इंकार

मामला छोटा निमडीह निवासी राजेश प्रसाद साव से जुड़ा है। उन्होंने “न्यू नेशनल परिवार मेडिक्लेम” पॉलिसी ली थी। अक्टूबर 2022 में गर्दन और कमर की तकलीफ के कारण उन्हें दिल्ली के प्रसिद्ध सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इलाज में ₹2,45,965 खर्च हुए। जब उन्होंने क्लेम किया, तो कंपनी ने “वेटिंग पीरियड” का तकनीकी बहाना बनाकर हाथ खड़े कर दिए। राजेश प्रसाद ने हार नहीं मानी और उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।

आयोग की सख्त टिप्पणी: शर्तों का ज्ञान न देना सेवा में कमी

सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि बीमा कंपनी यह साबित ही नहीं कर पाई कि उसने पॉलिसी बेचते समय उपभोक्ता को सभी नियम और शर्तें विस्तार से समझाई थीं। आयोग ने स्पष्ट किया कि केवल कागजों में छिपी शर्तों का हवाला देकर किसी का जायज क्लेम नहीं रोका जा सकता। आयोग ने माना कि जब पॉलिसी वैध थी और इलाज उसी अवधि में हुआ, तो भुगतान करना कंपनी की जिम्मेदारी है।

ब्याज सहित देना होगा हर्जाना, 45 दिन की मोहलत

आयोग ने अपने फैसले में कंपनी को ₹2,45,965 की मेडिक्लेम राशि तुरंत चुकाने का निर्देश दिया। इसके अलावा, उपभोक्ता को हुई मानसिक प्रताड़ना के लिए ₹20,000 और कानूनी लड़ाई के खर्च के रूप में ₹10,000 अतिरिक्त देने को कहा। कोर्ट ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि 45 दिनों के भीतर भुगतान नहीं हुआ, तो कंपनी को 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। यह फैसला उन हजारों उपभोक्ताओं के लिए उम्मीद की किरण है जो बीमा कंपनियों की मनमानी से परेशान हैं।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Follow on Google News
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Threads Copy Link

Related Posts

चाईबासा में चेंबर प्रतिनिधिमंडल की शिष्टाचार भेंट, पुलिस अधिकारियों को दी शुभकामनाएं

June 13, 2026

साकची में दूसरे दिन भी चला अभियान, वाहन चालकों और दुकानदारों पर कड़ी कार्रवाई

June 13, 2026

सरायकेला में नशे के कारोबार पर बड़ा प्रहार, 1 किलो गांजा के साथ आरोपी जेल भेजा गया

June 13, 2026

RECENT ADDA.

चाईबासा में चेंबर प्रतिनिधिमंडल की शिष्टाचार भेंट, पुलिस अधिकारियों को दी शुभकामनाएं

June 13, 2026

साकची में दूसरे दिन भी चला अभियान, वाहन चालकों और दुकानदारों पर कड़ी कार्रवाई

June 13, 2026

सरायकेला में नशे के कारोबार पर बड़ा प्रहार, 1 किलो गांजा के साथ आरोपी जेल भेजा गया

June 13, 2026

जमशेदपुर में बुजुर्ग ने उठाया खौफनाक कदम, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

June 13, 2026

जमशेदपुर के डुमरिया में करैत का कहर, इलाज के बावजूद नहीं बचीं दो जिंदगियां

June 13, 2026
Today’s Horoscope
© 2026 Public Adda. Designed by Launching Press.
  • About
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Adsense

Home

News

Web Stories Fill Streamline Icon: https://streamlinehq.com

Web Stories

WhatsApp

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.