रांची: डोरंडा स्थित हजरत कुतुबुद्दीन रिसालदार शाह बाबा की दरगाह पर 219वां सालाना उर्स मुबारक अकीदत और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। 27 से 31 अगस्त तक चलने वाले इस 5 दिवसीय धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है।
परंपरानुसार, पूर्व सदर मरहूम हाजी अब्दुल रऊफ गद्दी के ज्येष्ठ पुत्र सुहैल अख्तर उर्फ गब्बर भाई के निवास स्थान से चादर मुबारक निकाली गई। दोपहर लगभग 3 बजे गाजे-बाजे और धार्मिक अकीदत के साथ निकली चादर मुबारक दरगाह शरीफ पहुंची, जहां आस्ताने पर अकीदतमंदों ने चादरपोशी कर मन्नतें मांगीं। गब्बर भाई के आवास पर श्रद्धालुओं और जरूरतमंदों के लिए लंगर-खानी का भी आयोजन किया गया।
इस पवित्र मौके पर सुहैल अख्तर, शहर-ए-काजी, उलेमा, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और विभिन्न धर्मों के सैकड़ों अकीदतमंदों ने सामूहिक रूप से हाथ उठाकर दुआएं मांगीं। सभी ने राज्य और देश में शांति, समृद्धि, आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की कामना की। इसके साथ ही, पड़ोसी देश नेपाल तथा बिहार एवं भारत के विभिन्न राज्यों में बाढ़ से प्रभावित लोगों की सुरक्षा, उनके परिवारों के बचाव और जन-धन की रक्षा के लिए विशेष दुआएं मांगीं।




