रांची: देश के भविष्य और विकास की रूपरेखा तैयार करने वाली ‘जनगणना 2027’ की आहट अब धरातल पर सुनाई देने लगी है। रांची जिले में इसके प्रथम चरण यानी ‘मकान सूचीकरण और मकानों की गणना’ (HLO) को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। गुरुवार को उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, मंजूनाथ भजन्त्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर फील्ड ट्रेनर्स के तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
डिजिटल इंडिया की झलक : ऐप और पोर्टल से होगी गणना
इस बार की जनगणना पहले से काफी अलग और आधुनिक होने वाली है। रांची समाहरणालय में आयोजित इस कार्यशाला में 70 फील्ड ट्रेनर्स को CMMS पोर्टल और मोबाइल ऐप के जरिए डेटा संग्रहण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य कागजी कार्यवाही को कम करना और आंकड़ों की सटीकता को बढ़ाना है। यह प्रशिक्षण दो बैचों में आयोजित किया जा रहा है। पहले बैच में नगड़ी, मांडर, कांके और तमाड़ जैसे प्रखंडों के ट्रेनर्स शामिल हैं, जबकि दूसरे बैच की शुरुआत 13 अप्रैल से होगी।
विकास का आधार हैं ये आंकड़े : उपायुक्त
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जनगणना केवल सिरों की गिनती नहीं है, बल्कि यह भारत सरकार की एक अत्यंत महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना है। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर भविष्य की नीतियां, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास का खाका तैयार होता है। उन्होंने ट्रेनर्स को निर्देश दिया कि वे डिजिटल माध्यमों को बारीकी से समझें ताकि आगे प्रगणकों (Enumerators) को प्रशिक्षित करने में कोई त्रुटि न रहे।
फील्ड पर उतरेगी विशाल टीम
प्रशिक्षण के बाद ये 70 फील्ड ट्रेनर्स जिले के विभिन्न प्रखंडों और नगर निकायों में जाकर प्रगणकों और सुपरवाइजरों को तैयार करेंगे। बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) कुमार रजत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि यह राष्ट्र निर्माण से जुड़ा कार्य है।



