K. Durga Rao.
Saraikela: सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन ने टाटा-कांड्रा मुख्य सड़क को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए शुक्रवार से व्यापक अभियान शुरू किया। उपायुक्त के निर्देश पर पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत गम्हरिया क्षेत्र में सर्विस रोड के किनारे चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरुआत होते ही अवैध कब्जा कर कारोबार चला रहे लोगों में हड़कंप मच गया। प्रशासनिक टीम के पहुंचते ही कई दुकानदारों और कारोबारियों ने स्वयं ही अपने अतिक्रमण हटाने शुरू कर दिए, जबकि कई स्थानों पर बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए। वर्षों से सड़क किनारे फैले अतिक्रमण पर अचानक हुई कार्रवाई से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि मुर्गा बाजार के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से क्षेत्र में चर्चाओं का दौर भी तेज हो गया है।
अभियान के दौरान कुछ अतिक्रमणकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हल्की नोंक-झोंक भी देखने को मिली। कई लोगों ने कार्रवाई रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रशासनिक सख्ती के आगे उनकी एक नहीं चली।
अधिकारियों ने बताया कि सड़क और सर्विस लेन को अतिक्रमण मुक्त कर यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। अभियान में आदित्यपुर नगर निगम, गम्हरिया अंचल प्रशासन, पथ निर्माण विभाग, जियाडा और आवास बोर्ड की संयुक्त टीम शामिल रही। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अभियान केवल गम्हरिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आदित्यपुर समेत अन्य क्षेत्रों में भी कार्रवाई जारी रहेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से सर्विस रोड पर अवैध कब्जों के कारण जाम, दुर्घटनाएं और आवागमन की समस्याएं बढ़ रही थीं। ऐसे में प्रशासन की इस कार्रवाई से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं कुछ लोगों ने आशंका जताई कि यदि अभियान राजनीतिक दबाव का शिकार हुआ तो कार्रवाई अधूरी रह सकती है।
दूसरी ओर प्रभावित कारोबारियों ने कहा कि इस कार्रवाई से सैकड़ों लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। उनका कहना है कि प्रशासन को पहले वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए, उसके बाद इस प्रकार की कार्रवाई करनी चाहिए।



