पटना: बिहार में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। पटना के राजवंशीनगर स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना के तहत उत्कृष्ट खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र तथा खेल छात्रवृत्ति हेतु चयन पत्र सौंपे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खिलाड़ियों के सुनहरे भविष्य के लिए एक नया अध्याय शुरू हुआ है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एथलीटों को सरकारी सेवाओं में सम्मानजनक स्थान देकर सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है। राज्य के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को सीधे पुलिस उपाधीक्षक (DSP) जैसे उच्च पदों पर नियुक्त किया गया है। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज मुकेश कुमार और आकाश दीप को DSP पद का नियुक्ति पत्र सौंपा गया, जबकि एथलेटिक्स खिलाड़ी पियूष राज को पुलिस अवर निरीक्षक (Sub-Inspector) पद पर नियुक्त किया गया है।
ग्रामीण प्रतिभाओं की खोज और खेल ढांचा
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 15 सितंबर से राज्य की प्रत्येक पंचायत स्तर पर प्रतिभा खोज अभियान शुरू किया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को भी अपनी क्षमता निखारने का अवसर मिल सके। राज्य सरकार ने पिछले दो वर्षों में बिहार भर में 5,000 खेल मैदानों का निर्माण पूरा किया है। साथ ही, पटना स्थित मोइनुल हक स्टेडियम को 40 हजार क्षमता वाले विश्वस्तरीय स्टेडियम के रूप में पुनर्विकसित किया जा रहा है, जिसका संचालन BCCI को सौंपा गया है।
पुरस्कार राशि और छात्रवृत्ति योजनाएँ
समारोह में ‘बिहार खेल छात्रवृत्ति योजना 2026’ के तहत 637 चयनित खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति प्रमाण पत्र भी दिए गए। इसके तहत:
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उत्कर्ष योजना (21 खिलाड़ी): ₹20 लाख प्रतिवर्ष
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सक्षम योजना (184 खिलाड़ी): ₹5 लाख प्रतिवर्ष
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प्रेरणा योजना (432 खिलाड़ी): ₹3 लाख प्रतिवर्ष
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने वाली एथलीट सेतु मिश्रा को ₹37.50 लाख, विभास्कर कुमार को ₹2 लाख तथा कॉमनवेल्थ यूथ शतरंज खिलाड़ी मरियम फातिमा को ₹9 लाख की प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान किए गए। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, खेल मंत्री श्रेयसी सिंह सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और खिलाड़ी उपस्थित थे।


