अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
Bokaro: बोकारो इस्पात संयंत्र में कार्यस्थल को और अधिक सुरक्षित व संवेदनशील बनाने की दिशा में एक अहम पहल की गई। ‘निष्ठा’ कार्यक्रम के तहत आयोजित कार्यशाला में कर्मचारियों को उनके अधिकार, कर्तव्य और सम्मानजनक आचरण के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यशाला का संचालन सहायक महाप्रबंधक (मानव संसाधन) सुश्री शिप्रा एन. हेम्ब्रम एवं वरीय प्रबंधक (मानव संसाधन) सुश्री सुष्मिता सोरेन ने किया। सत्र के दौरान कार्यस्थल की प्रमुख नीतियों और जागरूकता उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में ‘पॉश’ यानी कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न की रोकथाम संबंधी प्रावधानों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही मातृत्व अवकाश, पितृत्व अवकाश, चाइल्ड केयर लीव और स्मॉल फैमिली स्कीम जैसी महत्वपूर्ण नीतियों से कर्मचारियों को अवगत कराया गया।
महिला कर्मियों के लिए उपलब्ध विशेष सहायक उपायों—जैसे शॉर्टर वर्किंग पीरियड स्कीम और बाहरी रोजगार के अवसरों के लिए आवेदन अग्रेषित करने की प्रक्रिया—पर भी विस्तार से जानकारी साझा की गई। इसके अलावा ‘सखी पोर्टल’ और ‘महिला नेतृत्व विकास कार्यक्रम’ के माध्यम से करियर उन्नयन और सशक्तिकरण की पहलों पर भी प्रकाश डाला गया।
सत्र के अंत में चर्चा किए गए विषयों पर आधारित ऑन-द-स्पॉट क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
बोकारो इस्पात संयंत्र की यह पहल एक समावेशी और सुरक्षित कार्य-संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। प्रबंधन की यह सजगता दर्शाती है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा, समानता और कर्मचारी कल्याण को प्राथमिकता दी जा रही है। ऐसे कार्यक्रम कर्मचारियों के बीच विश्वास और सम्मान को बढ़ाते हैं, जो किसी भी संस्थान की उत्पादकता और सकारात्मक माहौल के लिए बेहद जरूरी है।

