अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
Bokaro: झारखंड आन्दोलन के क्रान्तिदूत श्रीप्रसाद महतो, तिलकधारी महतो और जयलाल महतो की 44वीं शहादत दिवस रविवार को सियालजोरी गांव में श्रद्धांजलि के साथ मनाई गई। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के लिए चित्रांकन और सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में किसान नेता एवं चंदनकियारी विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी जगन्नाथ रजवार उपस्थित रहे। उन्होंने शहीदों की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि झारखण्ड के वीर सपूतों ने भाषा, संस्कृति और झारखंडी अस्मिता की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
जगन्नाथ रजवार ने कहा कि शहीदों का सपना था कि झारखण्ड शोषणमुक्त, समतामूलक, समृद्ध और खुशहाल बने। लेकिन राज्य गठन के बाद सत्ता के गलत इस्तेमाल और उत्पात के कारण युवा पलायन को विवश हैं, महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं और स्वास्थ्य सुविधाओं में गंभीर कमी है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि पलायनों की बढ़ती घटनाओं और गरीबों की समस्याओं पर सिर्फ कागजी सहानुभूति दिखाई जा रही है, जबकि वास्तविक समाधान नहीं निकाला जा रहा।
कार्यक्रम में जेएलकेएम अ.जा. मोर्चा के केंद्रीय संगठन मंत्री सिमन्त रजक, प्रखण्ड महिला मोर्चा की अध्यक्षा कुमारी बिनती, आजसू प्रखण्ड अध्यक्ष मिथिलेश कुमार महतो, भाजपा नेता जेपी महतो, गौरा चांद महतो, वरिष्ठ पत्रकार मनोज महतो, झामुमो संस्थापक सदस्य दुर्गा चरण महतो सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल रहे।
शहीद दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम ने स्पष्ट कर दिया कि झारखंड के वीर सपूतों का सपना अभी अधूरा है और राज्य में विकास, सुरक्षा और सामाजिक न्याय की दिशा में अभी भी लंबा सफर तय करना बाकी है।

