Jerusalem / West Bank: मध्य पूर्व के संवेदनशील इलाके में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। वेस्ट बैंक के हेब्रोन शहर के पास स्थित एक सैन्य चेकपोस्ट पर हुए भीषण हमले ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। आम नागरिकों के वेश में आए दो हथियारबंद हमलावरों ने सुरक्षा बलों और आम नागरिकों को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। इस घातक हमले में 23 वर्षीय एक इजरायली सैनिक शहीद हो गया, जबकि चार अन्य नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए। हालांकि, मौके पर मुस्तैद सुरक्षाबलों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए दोनों हमलावरों को मौके पर ही ढेर कर दिया।
नेतन्याहू की उच्च-स्तरीय बैठक, वेस्ट बैंक में सख्त लॉकडाउन के निर्देश
इस खूनी संघर्ष के तुरंत बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक आपातकालीन और उच्च-स्तरीय सुरक्षा बैठक बुलाई। बैठक में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे हेब्रोन शहर की घेराबंदी करने और पूरे वेस्ट बैंक क्षेत्र में सख्त लॉकडाउन लागू करने की तैयारी के निर्देश दिए गए हैं। इजरायली सरकार के भीतर से अब और भी कड़े कदम उठाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। सरकार के प्रमुख मंत्रियों ने मांग की है कि वेस्ट बैंक के विभिन्न इलाकों में भी गाजा पट्टी की तर्ज पर व्यापक सैन्य अभियान चलाया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संदिग्ध क्षेत्रों में फिलिस्तीनियों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध और घर-घर तलाशी अभियान चलाया जाना बेहद जरूरी हो गया है।
जानकारों का मानना है कि हेब्रोन में शुरू होने वाली यह नाकेबंदी और संभावित तलाशी अभियान शरणार्थी शिविरों में पूर्व में की गई कठोर सैन्य कार्रवाइयों के मॉडल पर आधारित हो सकता है, जिससे इस सुलगते क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ने की आशंका है। यदि हेब्रोन और उसके आसपास के इलाकों में सैन्य कार्रवाई का दायरा बढ़ता है, तो पूरा इलाका एक नए और गंभीर मानवीय संकट के मुहाने पर पहुंच सकता है।
आगामी चुनावों पर असर और बढ़ता मानवीय संकट
यह सनसनीखेज हमला ऐसे समय में हुआ है जब इजरायल में आगामी आम चुनाव नजदीक हैं, जिससे देश का आंतरिक राजनीतिक माहौल भी काफी गरमा गया है। इस अत्यंत संवेदनशील समय में हुई इस वारदात का सीधा असर राष्ट्रीय सुरक्षा और चुनावी समीकरणों पर पड़ना तय है। एक तरफ जहां सत्ता पक्ष इसे आतंकी नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने की सख्त जरूरत बता रहा है, वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना मतदाताओं की सोच और भविष्य की नीतियों को गहराई से प्रभावित करेगी।
गौरतलब है कि पिछले कई महीनों से वेस्ट बैंक में इजरायली सेना और स्थानीय नागरिकों के बीच हिंसक झड़पों का सिलसिला जारी है। पिछले एक साल के दौरान हुई विभिन्न हिंसक घटनाओं में एक हजार से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। अब वेस्ट बैंक में कड़े लॉकडाउन और नए सिरे से बड़े सैन्य ऑपरेशन की घोषणा से हिंसा का यह दौर और भी खतरनाक मोड़ ले सकता है।




