Patna: बिहार में सांप्रदायिक तनाव, उग्र प्रदर्शन, सड़क जाम और विधि-व्यवस्था की आकस्मिक स्थितियों से निपटने के लिए पुलिस मुख्यालय ने एक बड़ा निर्णय लिया है। राज्य के सभी जिलों में जिला स्तरीय एंटी रायट फोर्स (District Anti Riot Force – DARF) के गठन का औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया है। संवेदनशील और आकस्मिक परिस्थितियों में सूचना मिलने के मात्र 20 मिनट के भीतर यह दस्ता घटनास्थल के लिए रवाना होगा।
तीन श्रेणियों में बांटे गए जिले, 49 कंपनियां और 294 वाहन होंगे उपलब्ध
पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी जिलों और पुलिस जिलों को उनकी संवेदनशीलता और आकार के आधार पर तीन श्रेणियों (A, B और C) में विभाजित कर कुल 49 कंपनियां और 294 वाहन आवंटित किए हैं:
श्रेणी-A: पटना को 3 कंपनी और 18 वाहन दिए जाएंगे। इसके अलावा गया, रोहतास, मुजफ्फरपुर, सारण, मोतिहारी, बेतिया, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, भागलपुर और बेगूसराय को 2-2 कंपनी बल तथा 12-12 वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे।
श्रेणी-B: नालंदा, औरंगाबाद, नवादा, जहानाबाद, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, वैशाली, सीतामढ़ी, सीवान, गोपालगंज, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, बांका, मुंगेर, जमुई और खगड़िया को 1-1 कंपनी तथा 6-6 वाहन मिलेंगे।
श्रेणी-C: अरवल, शिवहर, बगहा, लखीसराय, शेखपुरा और नवगछिया को 1-1 प्लाटून तथा 2-2 वाहन आवंटित किए गए हैं।
मेरठ के RAPO में ट्रेनर्स का होगा विशेष प्रशिक्षण
दस्ते में शामिल पुलिसकर्मियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण देने के लिए पुलिस निरीक्षक, सार्जेंट मेजर, अवर निरीक्षक और सहायक अवर निरीक्षकों का चयन किया जाएगा। इन मास्टर ट्रेनर्स को मेरठ स्थित रैपिड एक्शन फोर्स एकेडमी फॉर पब्लिक ऑर्डर (RAPO) में ‘ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स’ (ToT) कराया जाएगा।
मेरठ से लौटने के बाद ये ट्रेनर्स अपने-अपने जिलों के पुलिस लाइन में जवानों को एक माह का गहन प्रशिक्षण देंगे। इसके अलावा हर तीन महीने पर प्रत्येक प्लाटून के लिए एक सप्ताह का रिफ्रेशर कोर्स अनिवार्य होगा।
डीएसपी (रक्षित) संभालेंगे कमान, प्लाटून में होंगे 47 कर्मी
प्रत्येक जिले में दंगा निरोधी दस्ते के प्रभारी पदाधिकारी पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित) होंगे।
प्रत्येक कंपनी में तीन प्लाटून होंगे और एक प्लाटून में कुल 47 कर्मी तैनात रहेंगे। इस दस्ते में लाठी पार्टी, अश्रु गैस (Tear Gas) दस्ता, सशस्त्र बल, प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मी, संचार दस्ता, एंबुलेंस व चिकित्सा सहायता दल और वीडियोग्राफी कर्मी शामिल रहेंगे। प्रत्येक प्लाटून को एक बस और एक ट्रक उपलब्ध कराया जाएगा।
सूचना पर 20 मिनट में मूवमेंट का निर्देश
मुख्यालय के निर्देशानुसार, जिले में किसी भी प्रकार के तनाव या हिंसा की सूचना मिलते ही जिला नियंत्रण कक्ष तुरंत अलर्ट जारी करेगा। सूचना प्रसारण के अधिकतम 20 मिनट के भीतर यह विशेष बल आवश्यक साजो-सामान के साथ घटनास्थल के लिए प्रस्थान करेगा और स्थानीय वरीय पुलिस पदाधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।




